कन्नौज। मोहल्ला चौहट्टा में पौने चार लाख रुपये में लगाया गया सबमर्सिबल पंप तीन तीन महीने में ही बोल गया। लोगों के घरों में गंदा और बालू युक्त पानी पहुंच रहा है। ये पानी पीने लायक तो दूर कपड़े धोने लायक भी नहीं है। लोगों का आरोप है कि 250 फीट के बजाए 200 फीट की ही बोरिंग कराई गई है।
नगर पालिका के चौहट्टा मोहल्ले में तीन माह पहले दो अलग-अलग स्थानों पर सबमर्सिबल पंप लगवाया था। एक बोरिंग शिव मंदिर के पास हुई थी। इसमें नगर पालिका के अवर अभियंता अरुण कुमार ने 3,79,940 रुपये का बिल पास किया है। सिर्फ तीन माह में यह बोरिंग फेल हो गई। इस समय मोहल्लेवासियों के घर में गंदा व बालू युक्त पानी पहुंच रहा है। नगर पालिका ने जिस सबमर्सिबल पंप पर करीब पौने चार लाख रुपये खर्च कर दिए। वह मिट्टी में मिल गए।
दूसरे सबमर्सिबल पंप पर 3.32 लाख का बिल बनाया गया। एक ही मोहल्ले में लगाए गए दो सबमर्सिबल में करीब 47 हजार रुपये का फर्क है। अमर उजाला ने सभासदों के शिकायत करने पर यह मुद्दा प्रमुखता से प्रकाशित किया था। डीएम राकेश कुमार मिश्रा ने इस मामले को संज्ञान में लेकर तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाकर जांच कराने के आदेश दिए थे। वहीं, नगर पालिका ईओ संजय कुमार गौतम ने जलनिगम से सबमर्सिबल पंप लगवाने में हुई गड़बड़ी की जांच कराने की बात कही है।
मोहल्लेवासी बोले
मोहल्ला चौहट्टे के मुन्ना पाठक ने बताया तीन माह पहले बोरिंग हुई थी। इस समय घरों में गंदा व बालू युक्त पानी आ रहा है जो पीने लायक नहीं है। हम लोगों को शुद्ध पानी पीने के लिए हैंडपंप या अन्य किसी की मदद लेनी पड़ती है।
मोहल्ले के अमित मिश्रा का कहना है कि वर्तमान में मंदिर के पास लगाई गई बोरिंग खराब हो चुकी है। गंदा पानी आने से लोग परेशान है। दो दिन पहले पालिका कर्मियों ने इसको खोलकर कमी देखी थी, कुछ सही भी किया लेकिन अभी तक गंदा पानी आ रहा है।
सोमू मिश्रा ने बताया कि कुछ समय पहले की बोरिंग की गई थी। पहले बोरिंग 180 फिट की जा रही थी। मोहल्ले के लोगों ने विरोध किया तो 200 फिट बोरिंग की गई है। इसके बाद भी बोरिंग की दिक्कत है। लगता है कि बोरिंग में सही ढंग से काम नहीं हुआ।
बोरिंग में तकनीकी खराबी आई है। उसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। बोरिंग कितने फिट हुई इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। सारी बात नगर पालिका से पता चलेगी।
भइयाजी, ठेकेदार रामलखन ट्रेडर्स।
सबमर्सिबल पंप की बोरिंग तभी सफल हो पाती है जब लाल मौरंगयुक्त पानी आने लगे। यह बोरिंग करीब 250 तक होती है। कम बोरिंग होने या बीच में पाइप के फटने से गंदा पानी या बालू आने लगती है। छह इंच की बोरिंग में अगर पौने चार लाख का बिल बनाया गया है तो यह बहुत ज्यादा है।
-सुनील तिवारी, अधिशासी अभियंता जलनिगम।