लाखन तिराहे पर विसर्जन यात्रा के दौरान हुए बवाल के
बाद आक्रोशित नवदुर्गा समिति के आयोजकों ने ग्वालमैदान में करीब दो दर्जन
से अधिक देवी प्रतिमाओं को खड़ा करके आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी को लेकर
धरने पर बैठ गए। डीएम, एसपी, एडीएम, एएसपी और भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने
भक्तों व आयोजकों को समझाने का भरसक प्रयास किया, पर भीड़ ने उनकी एक न
सुनी और प्रशासन से वापस जाओ के नारे लगाने लगी।
भीड़ के गुस्से को
भांपकर प्रशासनिक अधिकारी वापस हो गए। खबर लिखे जाने तक भक्त मूर्तियों के
साथ धरने पर बैठे हैं। बवाल के बाद भीड़ को समझाने पहुंचे आला अधिकारियों
को उनके गुस्सा का शिकार होना पड़ा। भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने भीड़ को
माइक के जरिए समझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन उनकी भी किसी ने नहीं
सुनी।
आयोजकों व नवदुर्गा विसर्जन यात्रा में शामिल भक्तों का कहना था कि
जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है, वह यहां से किसी भी सूरत में
नहीं हटेंगे। हालांकि, प्रशासन ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए
ग्वालमैदान में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है।
उधर, धरने के चलते इसी
रास्ते से गुजरने वाले आठवीं अलम के ताजियों का जुलूस भी अभी तक नहीं
निकाला जा सका है। उधर, ग्वालमैदान में खड़ी विसर्जन यात्राओं के दौरान
शाम अधिक हो जाने पर भक्तों ने वहीं पर मां दुर्गा की आरती भी की। वहीं
पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लाखन तिराहे, मिठाई
वाली गली, सब्जी मंडी रोड, चूड़ी वाली गली, चिरैयागंज, हरदेवगंज, मकरंदनगर
चौराहा, राजश्री टाकीज के सामने सहित अन्य स्थानों पर प्रशासन ने भारी
पुलिस फोर्स की तैनाती कर दिया है।