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पुलिस-प्रशासन पर उठे सवाल

Fri, 23 Oct 2015 12:02 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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तीन महीने के अंतराल में दोबारा शहर में हुए सांप्रदायिक विवाद ने पुलिस व प्रशासन की भूमिका पर सवालिया निशान लगा दिया है। आमतौर पर छोटे से मामले को भी गंभीरता से लेने की नसीहत देने वाले अफसरों ने खुद अबकी ऐसा करने की बजाय हालात को हल्के में लिया।
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शहर के लोगों की माने तो 20 अक्तूबर को राम बारात के दौरान भी बवाल होते-होते बचा था। तब मोहर्रम संबंधी ताजिया निकलने और राम बारात निकलने के रूट का समय अलग-अलग निर्धारित कर दिया गया था। इसी दौरान चूड़ी वाली गली के पास दर्जनों अराजकतत्व हाथों में अवैध असलहे व धारदार हथियार लहराते हुए निकले थे।

आवागमन के दौरान मिठाई वाली गली में एक दुकान के सामने छाया के लिए लगी पालीथिन फाड़ दी गई थी। इसकी शिकायत भी हुई थी, पर तब समझा बुझाकर मामला शांत करा दिया गया था। बुधवार को अलम के जुलूस के दौरान हाजीगंज हरीनगर के पास संदिग्ध हालात में ईंट लगने से एक युवक घायल हो गया था।
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इस मामले के बाद भी खींचतान मची थी, पर तब पुलिस ने समझाबुझाकर मामला शांत करा दिया। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों इन दोनों छोटी घटनाओं को हल्के में लेने की चूक कर दी। इन घटनाओं के पीछे कौन-कौन शरारती तत्वों का हाथ है, यह पता लगाकर कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी।
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