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Kannauj News: स्मार्ट क्लास का संचालन 50 फीसदी ठप

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संवाद न्यूज एजेंसी
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तालग्राम। परिषदीय विद्यालयों में आधुनिक कक्षाओं से बच्चों को स्मार्ट बनाने का सपना अभी अधूरा है। ब्लाॅक तालग्राम में 12 स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं शुरू कराने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत में 50 फीसदी स्कूलों में स्मार्ट क्लास का संचालन ठप है।


तालग्राम ब्लाॅक में 186 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। बेहतर आधुनिक शिक्षा के उद्देश्य से 12 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए गए हैं। देखभाल और निगरानी की उपेक्षा के कारण 50 फीसदी स्मार्ट क्लास का संचालन नहीं हो पा रहा है। जहां स्मार्ट क्लास लगा दिए गए हैं, वहां बिजली तो है, लेकिन इन्वर्टर नहीं है। इसके अलावा यूपीएस और सेंसर में तकनीकी दिक्कत से भी स्मार्ट क्लास लंबे समय से बंद पड़े हैं। शिक्षकों का कहना है कि कई बार सूचना देने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं कराई जा सकी है।
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निरीक्षण में बीईओ व एआरपी लापरवाही बरत रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय हाजिरपुर के प्रधानाध्यापक विक्रम सिंह ने बताया कि स्मार्ट क्लास में प्रोजेक्टर लगा है। बिजली आने पर ही क्लास शुरू होती है। इन्वर्टर नहीं हैं। यूपीएस न होने से लैपटाॅप से चलाते हैं। अयूबपुर स्कूल के प्रधानाध्यापक मोहम्मद सोहेल ने बताया केवल एलईडी लगी है और उपकरण नहीं हैं। मोबाइल से कनेक्ट कर कभी-कभी यू-ट्यूब वीडियो देखा देते हैं। वहीं तिसौली के शिक्षक सरोज कुमार का कहना है कि एलईडी में तकनीकी कमी आ गई है। जल्द ठीक कराया जाएगा। बीएसए उपासना रानी का कहना है कि स्मार्ट क्लास वाले स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा और जिन स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित होते हुए नहीं मिली, वहां के शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
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इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का दावा
बीईओ और एआरपी प्राथमिक विद्यालय हाजिरपुर, अयूबपुर, पल्टेपुर्वा, अमोलर, ताहपुर, तिसौली, कुडरीपुर्वा, सिलुआपुर, नंगापुर्वा सुभाष नगर, सरायप्रयाग, डुडवा बुजुर्ग, तेराजाकट में स्मार्ट क्लास का दावा कर रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।
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