तालग्राम। ब्लाॅक में गोशालाओं का संचालन प्रधानों के लिए चुनौती बन गया है। ग्राम पंचायतों में 22 गोशालाएं संचालित हैं। इनके अलावा सहभागिता संरक्षण योजना में 26 गोवंशों को पालन पोषण के लिए पशुपालकों को दिया गया है।
प्रदेश सरकार एक गोवंश के एक दिन के भोजन के लिए 50 रुपये देती है। प्रधानों का कहना है कि एक पशु का पेट 50 रुपये में नहीं भरता। पशु को कम से कम 15 किलो भोजन प्रतिदिन चाहिए। प्रधानों को पहले अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है, इसके बाद सरकार देती है।
पशुपालन विभाग के आकड़ों के अनुसार प्रदेश सरकार ब्लाॅक तालग्राम में गोवंश संरक्षण पर प्रति माह करीब 9,97,500 रुपये खर्च करती है। इस समय ब्लाॅक की पंचायतों में 22 गोशालाएं हैं, इनमें 639 गोवंश संरक्षित हैं। इस कारण इन पर 9,58,500 प्रति माह और सहभागिता संरक्षण में 26 गोवंशों पर 39 हजार रुपये खर्च होता है।
एक पशु के भोजन के लिए प्रतिदिन 50 रुपये सरकार खर्च करती है। प्रधानों का कहना है कि 50 रुपये में एक पशु का पेट नहीं भर सकता है। कम से 150 रुपये होने चाहिए। अपनी जेब से पैसे लगाना पड़ता हैं। इससे प्रधानों के सामने गोशाला चलाना बड़ी चुनौती है।
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फोटो :02: प्रधान मनमोहन सिंह। संवाद
एक गोवंश पर 15 किलो डाइट की आवश्यकता
रोहली प्रधान मनमोहन सिंह का कहना है कि 50 रुपये में पशु का पेट नहीं भरता। एक पशु को प्रतिदिन पांच किलो भूसा, दाना, हरा चारा आदि की 15 किलो की डाइट की आवश्यकता होती है। जबकि 60 की क्षमता वाली गोशाला में 69 गोवंश है।
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फोटो :03: प्रधान अहिवरन शर्मा। संवाद
गोशाला की 30 की क्षमता, संरक्षित 46 पशु
गदोरा प्रधान अहिवरन शर्मा का कहना है कि हमारी गोशाला की क्षमता 30 की है, लेकिन यहां 46 पशु हैं। किसी तरह गोशाला चला रहे हैं। गोवंश की मौत पर दफन करने पर करीब 1500 रुपये खर्च आता है। यह धनराशि अपने जेब से खर्च करनी पड़ती है।
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ब्लाॅक की पंचायतों की संचालित 22 गोशाला
तालग्राम ब्लॉक में जयरामपुर पंनगवा, रोहली, तेराजाकट, गंगागंज गुरौली, तिसौली, टिकरी कलसान,गदोरा बैसापुर, मझपुर्वा, सलेमपुर, इंदुयागंज, मलिकपुर, चंदपुरा, मुसाफिरपुर, शकरहनी, तेराब्बू, डुडवा बुजुर्ग, रौतामई, सरायदौलत, सरायप्रयाग, लाड़पुर, खाडेदेवर, तालग्राम देहात समेत 22 संचालित है। जबकि नरमऊ पंचायत की गोशाला बनी है, लेकिन अभी संचालित नहीं है।
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सहभागिता योजना में 26 गोवंश
सहभागिता संरक्षण योजना के तहत टिकरी कलसान पंचायत में चार पशुपालकों, सलेमपुर में एक, गदोरा में तीन, रोहली में दो, जयरामपुर में पांच, तेराजकट में दो, गंगागंज गुरौली में चार गोवशों को पशुपालकों को पालने के लिए दिया गया है।
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30 से बढ़ा कर 50 रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे
ब्लाॅक नोडल पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकराल सिंह का कहना है कि गोशाला में संरक्षित गोवंशों के लिए 30 रुपये से बढ़ा कर सरकार ने 50 रुपये प्रतिदिन एक गोवंश को चारे के लिए दिए जा रहे हैं। इतने रुपये सहभागिता संरक्षण योजना के तहत पशुपालक को भी मिलते हैं।
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