मेडिकल कालेज में उमड़ी मरीजों की भीड़।
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कन्नौज। ठंड का कहर सोमवार को और बढ़ गया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमानों में गिरावट आई है। रविवार को अधिकतम तापमान 23.6 और न्यूनतम तापमान 7.8 दर्ज किया गया था। सोमवार को लुढ़क कर 22 और 6.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सर्दी बढ़ने से मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। सर्दी, जुकाम और सांस रोगियों के 350-400 मरीज रोजाना जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से
बचने की सलाह दी है। खान-पान में सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा कि सर्दी में फेफड़े व सांस की नालियां संक्रमित हो सकती हैं। जिला अस्पताल और तिर्वा के मेडिकल कालेज में बीते छह दिनों में शीतलहर के चलते मरीजों की संख्या ने पांच हजार का आंकड़ा पार कर दिया है। इन अस्पतालों में की ओपीडी में सर्दी-जुकाम, बुखार, सांस से संबंधित मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सर्दी-जुकाम से बचने की खासी जरूरत है। वैसे एलर्जी से भी सर्दी-जुकाम-बुखार होने की आशंका बनी रहती है। एलर्जी तेज धूप से हो सकती है। इसमें सावधानी बरतनी चाहिए। जिन लोगों को सर्दी-जुकाम बुखार हो उनसे दूरी बनाएं। शरीर में दर्द व छींक आने के साथ नाक से पानी बहने की शिकायत इसका खास लक्षण है। सर्दी पुरानी होने पर खांसने के साथ सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस आरपी शाक्य का कहना है कि वायरल फीवर तीन से पांच दिनों तक रहता है। कफ अगर पीला हो जाए तो समझिए कि संक्रमण फेफड़े तक पहुंच चुका है। तिर्वा मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. दिलीप सिंह का कहना है कि अस्पताल में सर्दी-जुकाम के अलावा सांस संबंधी रोगियाें की संख्या में इजाफा हुआ है। बुखार को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चाहे वह वायरल ही क्यों न हो। अगर जाड़ा लगकर बुखार आ रहा हो तो उसकी वजह टायफायड व मलेरिया हो सकती है, लेकिन इस मौसम में मलेरिया की आशंका अधिक रहती है। इलाज कराने से पांच से 10 दिनों के भीतर बीमारी खत्म हो जाती है। चिकित्सकों के मुताबिक ठंडा पानी न पीएं, सर्दी-जुकाम को रोकने के लिए जरुरी है की ठंडे पानी पीने से बचे। इससे आपको बहुत जल्दी जुकाम से उबरने में आसानी होगी। गंदे स्थानों पर जाने से बचें। गरम कपड़ों का उपयोग करें।