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अफसर हल नहीं कर सके समस्या, वार्ता विफल

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चिकित्सीय परीक्षण करती स्वास्थ्य टीम। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ (कन्नौज)। भूख हड़ताल के तीसरे दिन जल निगम के एक्सईएन सहित एसडीएम और सीओ ने गमा देवी मंदिर परिसर पहुंचकर अनशनकारियों से वार्ता की। नए नलकूप की स्थापना व छिबरामऊ पुनर्गठन पेयजल योजना पर अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए। इससे वार्ता विफल हो गई। अनशनकारियों ने मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रखने का एलान किया है।
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सोमवार को एसडीएम देवेश कुमार गुप्ता, जल निगम के एक्सईएन निर्दोष जौहरी, जेई अखिलेश कुमार, सीओ शिवकुमार थापा अनशन स्थल पर पहुंचे। भूख हड़ताल पर बैठे सभासद प्रतिनिधि हरिशरण शाक्य, जयप्रकाश, बाबा रामनरेश शाक्य व समाजसेवी अमित शाक्य से वार्ता की। एक्सईएन ने बहवलपुर में पांच हैंडपंपों की मरम्मत व एस्टीमेटेड क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुचारु कराने का आश्वासन दिया। नए नलकूप की स्थापना और छिबरामऊ पुनर्गठन पेयजल योजना को शुरू कराने में लगने वाले समय पर अफसरों ने हाथ खड़े कर दिए। एक्सईएन ने बताया कि एस्टीमेट नगर पालिका परिषद को सौंपा जा चुका है। बजट स्वीकृत न होने तक कार्य शुरू कराना मुश्किल है। वार्ता सफल न होने पर आंदोलन के अगुवा हरिशरण शाक्य ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।
इस मौके पर कोतवाल विनोद मिश्रा, सभासद मनोज कुमार सिंह, शेरसिंह पाल, अग्निवेश यादव उर्फ मूलचंद, अरुण कुमार उर्फ टिंकी यादव, अक्कू भदौरिया, नरेंद्र कुमार शर्मा, वारिस, शिवगोपाल गुप्ता, कृष्णा शाक्य, अनुज कुमार शर्मा, रामप्रताप शर्मा सहित बहवलपुर गांव के ग्रामीण मौजूद रहे।
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70 वर्षीय बुजुर्ग ने की भूख हड़ताल
पेयजल समस्या के निस्तारण के लिए चल रही भूख हड़ताल के तीसरे दिन गांव के 70 वर्षीय बुजुर्ग सोनेलाल शाक्य भी अन्न, जल त्यागकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे आंदोलनकारियों का कारवां बढ़ेगा।
भाजपा समर्थित सभासदों की भी नहीं सुन रहे
भूख हड़ताल की कमान संभाले सभासद हरिशरण शाक्य की पत्नी पूनम शाक्य व मनोज कुमार सिंह की पत्नी लक्ष्मी देवी ने भाजपा के बैनर से सभासद पद का चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। इनके पति पेयजल समस्या को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार के खिलाफ सरकार के ही प्रतिनिधि 42 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही।
आंदोलनकारियों ने अस्पताल जाने से किया इनकार
भूख हड़ताल करने वालों का सुबह- शाम चिकित्सीय परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। सुबह आंदोलनकारियों ने पेट में गड़बड़ी की जानकारी दी। परीक्षण करने पहुंचे डॉ. हसीब खां ने सौ शय्या अस्पताल रेफर करने के लिए कहा। रेफर का नाम सुनते ही अनशनकारी पीछे हट गए। अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। चिकित्साधिकारी ने बताया कि सुबह अनशन पर बैठे लोगों का ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल सामान्य था।
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