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सरकार बनने पर गिन-गिन कर लेंगे बदला

Thu, 26 Nov 2015 11:59 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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शहर में हुए सांप्रदायिक दंगे के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुब्रत पाठक समेत सैकड़ों भाजपाइयों के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमों और प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को भाजपा का क्रमिक धरना प्रदर्शन शुरू हो गया।
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जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत के नेतृत्व में दोपहर 12 से शाम पांच बजे तक तहसील परिसर में भाजपाइयों ने शासन प्रशासन को जमकर कोसा। अफसरों पर सत्ता पक्ष की कठपुतली बनकर काम करने के आरोप जड़े। कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इशारे पर भाजपाइयों पर जुल्म ढाए जा रहे हैं।

इसका वक्त आने पर गिन-गिन कर हिसाब चुकता किया जाएगा। आरोप लगाया कि बीते दिनों तिर्वा क्रासिंग चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस बूथ के सामने सपाइयों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर पुतला फूंका था, तब न तो अफसरों को धारा 144 याद आई और न ही चुनाव आचार संहिता।
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सपाइयों के प्रदर्शन के बाद न तो मुकदमा लिखा गया और न ही किसी पुलिस वाले ने रोकने-टोकने की हिम्मत जुटाई। वहीं पहले से जानकारी देने के बावजूद भाजपा के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाकर तानाशाही का परिचय दिया गया। पूर्व विधायक कैलाश राजपूत ने कहा कि जिले के अफसरों ने सीएम के इशारे पर सुब्रत पाठक समेत अन्य भाजपाइयों को फर्जी मुकदमों में फंसाया है।

इस मामले में सांसद डिंपल यादव को दखल देना चाहिए और सारे फर्जी मुकदमे वापस कराने चाहिए। पूर्व विधायक ने कहा कि सूबे में भाजपा की सरकार बनने पर उत्पीड़न करने वाले अफसरों और सपाइयों से बदला चुकता किया जाएगा। तिर्वा विस क्षेत्र प्रभारी वीर सिंह भदौरिया ने कहा कि फर्जी मुकदमे हों या जेल भेजा जाए, पर भाजपाई डरने वाले नहीं हैं।

आज सत्ता के दबाव में दुश्मनों जैसा सलूक करने वाले अफसरों की सूची बनाई जा रही है। इससे समय आने पर हिसाब बराबर किया जाएगा। पूर्व विधायक बनवारी लाल दोहरे ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाने से कोई नहीं रोक सकता। उधर, सुबह जिले की सीमाओं पर पुलिस, पीएसी के साथ ही आईटीबीपी के जवानों ने नाकेबंदी कर दी।

जीटी रोड हाईवे पर बाईपास से पहले ही चार पहिया वाहनों को रुकवा लिया गया और उन्हें बाईपास से निकाला गया। बाइक सवारों की भी तलाशी ली गई। वाहनों के कागजात भी चेक किए गए। जिस पर भाजपाई होने का शक हुआ, वाहन रोक दिया गया। तहसील के मुख्य गेट पर भी छावनी जैसा नजारा दिखा।

पूर्वी ओवरब्रिज बाईपास पर तमाम वाहन खड़े कराए गए। बैरियरों पर आगे बढ़ने को लेकर भाजपाइयों व पुलिस में नोकझोंक हुई। पाल चौराहे पर पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो आधा सैकड़ा भाजपाइयों ने महिला नेता अर्चना पांडेय, गीता शाक्य व अन्य को आगे कर दिया। महिलाओं के आगे होने पर पुलिस उन्हें रोक नहीं सकी।

महिलाओं के आगे पुलिस को मजबूरन पुलिस को पीछा हटने पड़े। बैरियर पार करते हुए भीड़ नारेबाजी करते हुए पैदल चल पड़ी। इसी बीच सूचना पर एसडीएम सदर सुनील शुक्ला, एसडीएम तिर्वा उदयवीर, सीओ करन सिंह, सीओ तिर्वा सुरेंद्र पाल सिंह, कोतवाल भुल्लन यादव, स्वाट टीम व आईटीबीपी के जवानों ने घेराबंदी कर यहीं पर भीड़ को रोक लिया।

इस पर त्रिलोकी चतुर्वेदी, अशोक सिंह, अर्चना पांडेय, तिर्वा भाजपा नगर अध्यक्ष शिशुपाल सिंह चौहान, अनुपम दुबे आदि छात्रावास के सामने तिर्वा-कन्नौज रोड पर ही धरना देकर बैठ गए। उठने को कहा गया तो जेल भेजने या धरना की अनुमति देने की मांग करने लगे। करीब 45 मिनट तक धरना चला।
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भीड़ को देख प्रशासन बैकफुट पर
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