कन्नौज। जनपद में खाद की बिक्री को पारदर्शी बनाने और असली किसानों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अब जिले के किसी भी साधन सहकारी समिति या निजी खाद विक्रेता से उर्वरक खरीदने के लिए किसानों को अपनी खतौनी (भूमि अभिलेख) और आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। जिले की 34 सहकारी समितियों को 535.5 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित कर दी गई है। एक सप्ताह के अंदर यूरिया पहुंच जाएगी। इन समितियों पर 163.29 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
जिला कृषि अधिकारी संतलाल गुप्ता ने बताया कि एक सप्ताह के अंदर यूरिया समितियों पर पहुंच जाएगी। जिले में एक लाख 29 हजार 353 बोरी डीएपी, दो लाख 94 हजार 940 बोरी यूरिया, दो लाख 30 हजार 357 बोरी एनपीके और 30 हजार 492 बोरी पोटाश मौजूद है। खतौनी और आधार से किसानों को खाद दी जाएगी। खाद आवंटन के लिए समिति बनी हैं। समिति जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उपकृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी और एआर कोआपरेटिव है। समिति की संस्तुति के बाद ही खाद आवंटित की जाती है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में मक्का में यूरिया की जरूरत किसानों को पड़ रही है। कुछ दिन पहले ओलावृष्टि और वर्षा हुई थी। इस वजह से मक्का की पत्तियां पीली पड़ गई थीं। किसान वर्तमान में यूरिया की टाप ड्रेसिंग कर रहे हैं, ताकि मक्का की फसल को बचाया जा सके। जिले में 52 हजार 500 हेक्टेयर में मक्का की फसल है। साथ ही मूंगफली फसल को डीएपी और एनपीके की जरूरत है। सब्जियों की फसल में डीएपी डाली जाती है।
अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी विक्रेता बिना आधार या खतौनी के खाद बेचते पाया गया, तो उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कृषि अधिकारियों की टीमें लगातार केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही हैं ताकि वितरण प्रणाली में कोई गड़बड़ी न हो।