तालग्राम सीएचसी से लेकर अमोलर पीएचसी तक में दवाओं का टोटा लगा है। बुखार और खुजली तक की दवा नहीं है। डाक्टर बाहर से दवा लिख रहे हैं। तीमारदारों ने अस्पताल में दवा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है।
मौसम में आ रहे बदलाव के चलते खांसी, जुकाम, बुखार के साथ खुजली व एलर्जी रोगी बढ़ रहे हैं। अस्पताल में रोगियों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है। अस्पताल में दवाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों की परेशानी और अधिक बढ़ती जा रही है। रोगी हेमनाथ, सतीश चंद्र, माया देवी, रवि प्रकाश, सुनीता देवी, संजू, ननकू, प्रेम नारायण आदि का कहना है कि अधिकांश डाक्टर दवा बाहर से लिखकर रहे हैं।
पैसा न होने के कारण वह दवा नहीं खरीद पा रहे हैं। डाक्टरों व फार्मासिस्ट दवा न होने की बात कह टाल देते हैं। बुखार के लिए पैरासिटामाल के अलावा खुजली के लिए सिट्रिजन, एविल भी उपलब्ध नहीं है। मंगलवार को रोगियों ने अस्पताल में दवा उपलब्ध कराने की मांग की है।
फार्मासिस्ट विजय वर्मा का कहना है कि कुछ दवा न होने की डिमांड भेजी जा चुकी है। शीघ्र आने की संभावना है। उनके स्थान पर उसी फार्मूले की दूसरी दवाएं दी जा रही हैं। जिससे रोगियों को कोई परेशानी नहीं है।
कोट
फार्मासिस्ट को दवा लेने के लिए भेजा गया है। एक-दो दिन में स्टाक उपलब्ध करा दिया जाएगा। कोई भी डाक्टर बाहर से पर्चा नहीं लिखेगा। अस्पताल में ही दवा उपलब्ध कराई जाएगी। - अजय यादव (एमओआईसी, तालग्राम)