कस्बा स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के मंगलवार को भी ताले नहीं खुले। पूरे दिन इंतजार के बाद ग्राहक मायूस होकर लौट गए। इस दौरान बैंक के बाहर ग्राहकों और बैंक कर्मियों के बीच नोकझोंक भी हुई।
तीन दिन के अवकाश के बाद मंगलवार को ग्राहकों की भीड़ आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के बाहर सुबह सात बजे से ही जुटनी शुरू हो गई थी।
करीब 10 बजे कार्यवाहक प्रबंधक रामपाल पुष्कर व अन्य स्टाफ जैसे ही बैंक खोलने पहुंचे, बैंक के बाहर भारी भीड़ को देखकर वह लोग ताले खोलने का साहस नहीं जुटा सके। काफी देर इंतजार के बाद भी जब बैंक नहीं खुली तब ग्राहकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच लोगों की नजर बैंक से कुछ दूर एक दुकान पर बैठे बैंक कर्मियों पर पड़ी तो उन लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर खरीखोटी सुनाई।
हंगामे की सूचना मिलते ही सौरिख थाने के उपनिरीक्षक महेंद्र कुमार गौतम मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह लोगों को समझा कर शांत कराया। इस संबंध में कार्यवाहक प्रबंधक ने बताया कि कैश न होने की वजह से लोगों में फैले आक्रोश को देखकर उन लोगों ने ताले नहीं खोले। उन्होंने पूरी स्थिति से विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया है। कैश आते ही व्यवस्था सुचारु हो जाएगी।
उधर, रूर के सुघरलाल, ग्यासपुर के रामप्रकाश, उदयराज सिंह, राधेश्याम ने बताया कि अवकाश होने पर तीन दिन बैंक बंद रही, चौथे दिन मंगलवार को लोगों को भरोसा था कि बैंक खुलते ही उन्हें भुगतान हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन लोगों का कहना था कि भुगतान न मिल पाने से उनका कृषि कार्य बाधित हो रहा है। इससे फसल को भी नुकसान होगा।