नोटबंदी ने बुजुर्ग की जान ले ली। वह बैंक से पैसा निकालकर आगरा इलाज कराने के लिए घर से निकला था, लेकिन बैंक की लंबी लाइन में घंटों बीत गए। किसी तरह वह कैश काउंटर पर पहुंचा। रुपये मिलने के चंद मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने किशनी- बिधूना मार्ग जाम कर दिया। बैंक कर्मचारियों के विरुद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
कन्नौज जिले के सौरिख थाना क्षेत्र के दिलावरपुर निवासी देशराज (70) पुत्र हिमांचल की तबीयत खराब चल रही है। उसे बुखार था। परिजनों के मुताबिक वह अपने बेटे विमलेश के साथ सोमवार को बिजनौरा गांव स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा पर गया, लेकिन लाइन लंबी होने की वजह से पैसे नहीं निकाल पाया। मंगलवार को निजी गाड़ी से वह बेटे के साथ दोबारा बैंक पहंचा। योजना थी कि बैंक से पैसे निकालने के बाद इलाज कराने आगरा जाएंगे।
देशराज के पुत्र विमलेश ने बताया कि किराये पर गाड़ी लेकर वह पिता के साथ 10 बजे से पहले ही बैंक पहंच गया था। उसने कई बार पिता की बीमारी की बात कहकर 20 हजार रूपये देने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। करीब दो घंटे बाद वह पिता को लेकर कैश काउंटर पर पहंचा। कैशियर ने उसे रुपये दिए। रुपये लेकर वह बाहर निकला ही था कि उसके पिता की मौत हो गई। यह बात वहां मौजूद लोगों को पता चली तो वे आक्रोशित हो गए। बैंक कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किशनी - बिधूना मार्ग को जाम कर दिया।
एक घंटे के जाम के बाद गांव के कुछ अन्य लोग मौके पर पहुंचे और नारेबाजी कर रहे लोगों को समझाया। इसके बाद परिजन शव को लेकर गांव लौटे। बैंक शाखा प्रबंधक श्याम लाल ने बताया कि बैंक में सुबह से ही भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में यह पहचानना मुश्किल होता है कि कौन बीमार है, कौन नहीं। लाइन में लगाए लोग भी किसी दूसरे व्यक्ति को कैश देने पर ऐतराज करते हैं। व्यवस्था बनाए रखने के लिए ही लाइन लगवाई गई थी। देशराज की तबीयत खराब होने के बारे में जानकारी नहीं थी।
पैसे के अभाव में इलाज न होने से गुस्सा थे लोग
चपुन्ना । क्षेत्र के ग्राम दिलावरपुर निवासी किसान देशराज राजपूत की मौत के बाद वहां मौजूद लोगों का धैय जवाब दे गया। जैसे ही उन्हें पता चला कि समय से पैसा नहीं मिलने की वजह से देशराज की मौत हुई है तो वे बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद किशनी- बिधूना मार्ग जाम कर दिया। हालांकि बाद में स्थानीय लोगों के समझाने पर घंटेभर बाद रास्ता खुला। मृतक के पुत्र ने पुलिस को तहरीर देते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया।