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नई शिक्षा नीति से विभिन्न स्तरों पर परिवर्तन होंगे- डॉ. रिपुदमन

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वेबीनार करते शिक्षाविद - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। कानपुर मंडल के क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. रिपुदमन सिंह ने एक वेबिनार में मैकाले की शिक्षा नीति से लेकर वर्तमान की शिक्षा के विभिन्न स्वरूपों पर चर्चा की।
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राजकीय महिला महाविद्यालय बांगर की ओर से शनिवार को ‘उच्च शिक्षा के वैश्वीकरण पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के विभिन्न आयाम’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन हुआ। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा की देखरेख में चर्चा हुई। इसमें महाराष्ट्र, झारखंड, हैदराबाद, तमिलनाडु आदि राज्यों के विश्वविद्यालयों से जुड़े शिक्षाविदें ने व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्राचार्य डॉ. शक्ति सिंह सचान ने नई शिक्षा नीति को ग्लोबल सिटीजन के कानसेप्ट से जोड़ने वाली नीति बताया। दयानंद गर्ल्स कॉलेज से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शशि रानी अवस्थी ने नई शिक्षा नीति में ग्रामीण भारत के लिए कृषि एवं परंपरागत व्यवसाय के लिए शिक्षा और ट्रेनिंग पर जोर दिया। डॉ. हेमलता दिनकर डायरेक्टर, मल्टीमीडिया एजूकेशन ओपन यूनिवर्सिटी भोज ,भोपाल (मध्य प्रदेश) ने दूरस्थ शिक्षा और टीचर्स लर्नर पर नई शिक्षा नीति का प्रभाव बताया। डॉ. राजीव निरंजन, नेहरू महाविद्यालय, ललितपुर ने पर्यावरण शिक्षा, जैव विविधता, जनसंख्या के हिसाब से कृषि पर अनुसंधान आदि की आवश्यकता, प्रबंधन पर प्रकाश डाला। इसके बाद डॉ. अनिल कुमार सिंह, राजकीय महाविद्यालय झांसी ने नई चुनौतियों और नई शिक्षा नीति के विकास पर चर्चा की। डॉ. विपिन शर्मा ने विद्या से शिक्षा तक के सफर को रोचक ढंग से सुनाया। पिथौरागढ़ की डॉ. सोनी टमटा ने अनुसूचित जाति-जनजाति एवं पर्वतीय क्षेत्रों की बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, आर्थिक प्रगति व प्रकाश डाला। संचालक सुमन शुक्ला बाजपेई ने स्वाभिमानी एवं आत्मनिर्भर समाज का सूत्रपात बताया। सह संयोजिका डॉक्टर सोनू पुरी, पुष्पलता, विद्या वर्मा, रितु सिंह, पीपी यादव का विशेष सहयोग रहा।
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