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गाइड लाइन न होने से नर्वस दिखे अफसर

Sat, 15 Apr 2017 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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कलक्ट्रेट में बैठक लेते जिलाधिकारी, सीडीओ व अन्य अफसर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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योगी सरकार के फरमान के बाद आनन-फानन बिना तैयारियों के कलक्ट्रेट सभागार में प्रबंधकों व अभिभावक समिति की बुलाई गई बैठक करीब डेढ़ घंटे चली। गाइड लाइन न होने से कोई फैसला न हो सका। बैठक में अभिभावकों ने कई विद्यालयों पर ड्रेस, किताबों पर अधिक वसूली का मामला उठाया। कहा कि कमाई के लिए विद्यालय हर वर्ष पब्लिकेशन बदल देते हैं। जिस कारण पिछले सत्र की किताबें किसी भी छात्र के काम नहीं आ पाती हैं।
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प्रदेश सरकार ने फरमान जारी किया है कि पब्लिक स्कूलों में फीस, ड्रेस, परिवहन के नाम पर अधिक वसूली की जा रही है। इस मसले को सुलझाने के लिए कलक्ट्रेट में अभिभावकों व प्रबंधकों की बैठक बुलाई गई। जिलाधिकारी जगदीश ने कहा कि विद्यालयों में यूनिफार्म व किताबों के मूल्य अधिक वसूल नहीं किए जाएंगे। ड्रेस के निर्धारण के लिए समिति का गठन किया जाएगा। जो भी धनराशि वसूली जा रही है, उसमें नियमों को ध्यान में रखा जाए। अभिभावकों को इस बात की आजादी दी जाए कि वह पुस्तकें, ड्रेस स्कूल अथवा खुले बाजार में खरीद सके। बाजार में खरीदने वाले अभिभावकों को बाद में परेशान नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान एक अभिभावक ने तिर्वा-कन्नौज मार्ग पर स्थित एक पब्लिक स्कूल में ड्रेस के नाम पर अधिक धनराशि वसूले जाने की शिकायत रखी। हालांकि बैठक में उक्त विद्यालय का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। अभिभावकों ने कहा कि कुछ ऐसे आइटम हैं जिनका रेट खुले मार्केट में काफी कम है। जबकि स्कूलों में उसका दोगुने दाम वसूले जाते हैं।
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इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव, उप जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, एआरटीओ राहुल श्रीवास्तव, बीएसए अखंड प्रताप सिंह, डीआईओएस केपी सिंह यादव, प्रबंधक अवधेश कुमार मिश्रा, सुनील कुमार सिंह, आलोक कटियार, डा. आशीष पारिया, अनिरुद्ध सिंह, योगेंद्र पाल, प्रदीप तिवारी, योगेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य विद्यालयों के प्रबंधक मौजूद रहे।

एसडीएम की अध्यक्षता में बनाई जाएंगी तीन समितियां
कन्नौज। सीडीओ ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों पर नियंत्रण के लिए बैठक बुलाई गई थी। सभी को शासन की मंशा से अवगत करा दिया गया है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम की अध्यक्षता में परिवहन, यूनिफार्म, पुस्तकों की समितियों का गठन किया जाएगा। यह समितियां विद्यालयों में जांच की वास्तविकता का परीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेंगी। यदि कहीं पर अभिभावकों से जबरन वसूली पाई गई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

बैठक में नहीं दिखाई दीं बड़ी शिक्षण संस्थाएं
कन्नौज। कलक्ट्रेट सभागार में बुलाई गई बैठक में जिले भर के प्रबंधकों को बुलाया गया, लेकिन इस बैठक में जिला मुख्यालय के सीबीएसई, छिबरामऊ, गुरसहायगंज में संचालित शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधक आए। तमाम नामचीन सफेद पोश स्कूल चलाने वाले प्रबंधक बैठक से नदारद रहे। प्रबंधकों के बीच इस बात की खासी चर्चा रही।

बैठक में नकल का मामला भी उठाया गया
कन्नौज। कलक्ट्रेट सभागार में बुलाई गई बैठक में बोर्ड परीक्षा का भी मामला उठ गया। जिलाधिकारी ने कहा कि उनके पास तमाम छात्रों व अभिभावकों के फोन आए कि नकल के नाम पर विद्यालय में उनके साथ शोषण किया जा रहा है। रुपये न देने पर उनको पेपर नहीं देने दिया जाता, जबकि रुपये देने वाले लोगों को विशेष सुविधा मिली है। ऐसे लोगों को डीएम ने चेताया कि किसी भी छात्र का शोषण न करें। इन मामलों की जांच कराई गई लेकिन जांच में वह विद्यालय बच निकले। शिकायत करने वाले छात्र डर की वजह से सामने नहीं आए।

व्यवसायीकरण पर लगाएं रोक
कन्नौज। कलक्ट्रेट में बैठक के दौरान कन्नौज अभिभावक समिति ने एक पत्र सौंपा। अभिभावकों से होने वाली अवैध वसूली पर तत्काल लगाम लगाने की बात कही। कहा कि प्रत्येक वर्ष कापी-किताबों के नाम पर होने वाली अवैध वसूली से प्राथमिक व उच्च शिक्षा दिलाने में अभिभावकों को दिक्कतें हो रही हैं। प्राइवेट स्कूलों के व्यवसायीकरण पर रोक लगे। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष पवन त्रिवेदी, उपाध्यक्ष सिद्धार्थ तिवारी, विनय प्रजापति, मंत्री राजेश द्विवेदी, अनीश स्वरुप सक्सेना, आकाश जैन, नीरज गुप्ता, सम्मी, ललित मेहरोत्रा, राजीव यादव, उमेश त्रिपाठी, अमरेंद्र सिंह आदि रहे।
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