पुलिस की गिरफ्त में बदमाश अनुज कुशवाहा और सुजीत।
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कन्नौज। भट्ठा मालिक की बाइक चुराने के बाद बदमाश चाचा और भतीजे ने सराफा व्यापारी का आभूषणों से भरा झोला चुराया था। जेल से निकलने के बाद भतीजे ने चाचा के साथ मिलकर गिरोह बनाया था। इसके बाद क्षेत्र में कई वारदातों को अंजाम दिया था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद दोनों बदमाशों को जेल भेज दिया गया।
मंगलवार रात सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र कुमार, स्वाट टीम प्रभारी राकेश कुमार सिंह और तिर्वा कोतवाली प्रभारी टीपी वर्मा ने एक्सप्रेसवे के पास घेराबंदी की। तभी एक खोखे के पास खड़े अनुज कुशवाहा पुत्र बीनू अपने चाचा सुजीत कुशवाहा पुत्र मूलचंद्र निवासी भगवानपुर मकरंदनगर पुलिस टीमों को देखकर भागने लगे। इस बीच दोनों को पुलिस ने खदेड़ लिया। तभी अनुज ने फायर कर दिया। किसी तरह पुलिस टीमों ने दोनों को दबोच लिया। इनके पास से तीन किलो चांदी, दो हजार रुपये, चोरी की गई अपाचे बाइक और एक तमंचा पांच कारतूस बरामद हुए। बुधवार को खुलासा करते हुए अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि 25 जनवरी को दोनों बदमाशों ने जसपुरापुर सरैया में दुकान बंद करते समय सराफा व्यापारी जितेंद्र कुमार का आभूषणों से भरा झोला चोरी कर लिया। इससे पहले हम्मालीपुरा निवासी ईंट भट्ठा कारोबारी सबकतुल्ला के घर से नीली अपाचे बाइक चोरी कर ली थी।
आठ दिसंबर को सरोज मिश्रा से आरोपियों ने लूटपाट के बाद सराफा व्यापारी से लेकर कई लोगों से चोरी और लूट की थी। बदमाश अनुज कुशवाहा पर चोरी और लूटपाट के 12 मामले दर्ज हैं। चाचा सुजीत कुशवाहा पर पांच मामले दर्ज हैं। करीब तीन माह पहले अनुज जेल से छूटकर आया था। इसके बाद परिवार के चाचा सुजीत व अन्य लोगों के साथ चोरी और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने लगा था। बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली टीमों को 20 हजार का नगद पुरस्कार देकर एसपी ने सम्मानित किया है।
अमीर बनने की चाहत में बाइक मैकेनिक अनुज बना अपराधी
पुलिस की गिरफ्त में आया अनुज कुशवाहा बाइक मैकेनिक है। तीन साल पहले वह शहर के एक बाइक शोरूम में नौकरी करता था। अमीर बनने के लालच में वह बाइकों के लॉक तोड़ कर चोरी कर लेता था। इसके बाद बाइकों के स्पेयर पार्ट निकाल कर दुकानों में बेच देता था। सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि बाइकों की चोरी करने के साथ वह बड़ी वारदातों को अंजाम देने लगा। उसे पुलिस कई बार जेल भेज चुकी है।