छिबरामऊ(कन्नौज)। तहसील सभागार में अकबरपुर व प्रेमपुर के ग्रामीणों की मुआवजा संबंधी बैठक हुई। एसडीएम देवेश गुप्त ने चकबंदी अधिकारियों को छह दिन में नक्शा बनाकर सीमांकन कराने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यदायी संस्था से इस बीच तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद रखने के लिए कहा।
भारतीय किसान यूनियन (किसान) के जिलाध्यक्ष राजा शुक्ला ने कहा कि ग्रामीणों को उनकी जमीन का मुआवजा दिया जाए। इसके बाद ही तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाए। एसडीएम देवेश गुप्त ने चकबंदी एसीओ नरेंद्र वर्मा को छह दिन में नक्शा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि टीम के साथ जगह का सीमांकन करें। गाटा के हिसाब से जितनी जमीन जाए, उसकी फाइल तैयार कर जमा कराएं। इससे कि मुआवजा मिल सके। ग्रामीणों को संतुष्ट करने के बाद ही कार्रवाई की जाए।
इससे पहले कार्यदायी संस्था के रामशंकर शर्मा ने कहा कि सड़क के दोनों तरफ 55 फीट नेशनल हाईवे की जमीन है। इस पर मौजूद ग्रामीणों ने 45 फीट बताकर विरोध किया। बैठक में तहसीलदार अभिमन्यु कुमार, राजस्व निरीक्षक रामबाबू तिवारी, महेश दीक्षित, राजीव दुबे, पिंटू चौरसिया, अली शेर, अश्वनी, मुन्ना पांडेय, टिल्लू मिश्रा, रोहित तिवारी, श्रीकांत, बाबा चौरसिया, आशीष चौरसिया, रोहित, पंकज चौरसिया, अरुण सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
छह दिन के लिए क्रमिक अनशन स्थगित
तहसील सभागार में एसडीएम देवेश गुप्त से ग्रामीणों की वार्ता के बाद चार दिन से चल रहे क्रमिक अनशन को ग्रामीणों ने समाप्त कर दिया। गांव के विमल त्रिपाठी व सुधार अग्निहोत्री एडवोकेट ने बताया कि छह दिन बाद अगर निष्कर्ष नहीं निकला तो पुन: धरना, प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
बैठक में नहीं पहुंचे नेशनल हाईवे के अधिकारी
मुआवजे को लेकर बुलाई गई प्रेमपुर व अकबरपुर के ग्रामीणों की बैठक में नेशनल हाईवे अथॉरिटी का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। इससे प्रेमपुर के लोगों की मुआवजा संबंधी समस्या का समाधान नहीं हो सका। एसडीएम देवेश गुप्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रेमपुर के ग्रामीणों को समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।