विकास खंड तालग्राम के गांव बरई के मजरा खजुरियन नगला वोट वैंक व जातिवाद की राजनीति में फंस गया। इस गांव के दो मजरा पिलख सरायं व सुता में विकास कार्य कराए गए। सड़कें बनी, पानी का समुचित प्रबंध हुआ, लाइट पहुंची लेकिन खजुरिन नगला में विकास कार्य नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने विकास न होने की बात कह विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किए जाने की धमकी दी है।
खजुरियन नगला निवासी रामचंद्र, राजेंद्र कुमार, सर्वेश सिंह, ब्रजेश कुमार, देवेंद्र सिंह, मोहित, अनुराग, रामचंद्र, सियाराम, देवेंद्र, अनिल, सुमित आदि ने बताया कि मजरे में तीन साल पहले विद्युतीकरण के लिए खंभे लगाए गए थे। बिजली विभाग ने तार नहीं खींचे, न ही ट्रांसफार्मर लगाया। बिजली की आस में लोगों ने अपने घरों में वायरिंग भी करा ली थी। मजरे तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता भी नहीं है। ग्रामीणों को कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। मजरे के लिए अभी तक पानी की टंकी का निर्माण भी पूरा नहीं हो सका है। जिससे मजरेवासियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। मजरे से स्कूल तक जाने के लिए बच्चों को 500 मीटर पैदल चलना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो आते हैं लेकिन मतदान के बाद कोई दिखाई नहीं देता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के पहले विकास कार्य न कराया गया तो वह मतदान का विरोध करेंगे।
बोले जिम्मेदार
बड़े विकास के लिए बजट नहीं है। यह कार्य जिला पंचायत सदस्य निधि व विधायक निधि से ही संभव है। - प्रधान लाल बहादुर