तिर्वा। एचआईवी से पीड़ित लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राजकीय मेडिकल कॉलेज में जल्द ही एआरटी (एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी) केंद्र की स्थापना की जा रही है। उन्हें स्थानीय स्तर पर इलाज, परामर्श और जीवन रक्षक दवाएं मिल सकेंगी। संसाधनों को देखने के लिए मंगलवार को नाको की टीम ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया।
नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नाको) की टीम ने प्रस्तावित केंद्र का भौतिक निरीक्षण किया। टीम के डॉ. मनीराम गौतम और डॉ. साक्षी तिवारी ने भवन और व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने वहां मौजूद संसाधनों, स्टाफ और सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने बताया कि केंद्र के लिए कॉलेज परिसर में एक भवन चिह्नित किया गया है। मंजूरी मिलने के बाद आवश्यक उपकरण और स्टाफ की तैनाती की जाएगी।
प्राचार्य के अनुसार आगामी दो-तीन महीनों में एआरटी केंद्र पूरी तरह कार्यरत हो सकता है। यह केंद्र आसपास के जिलों के एचआईवी रोगियों को राहत देगा, जिन्हें अब इलाज के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण और सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।