बारावफात का पर्व जिले में धूमधाम से मनाया गया।
जुलूसे मोहम्मदी शान से निकले, जिनका जगह-जगह स्वागत किया गया। इस दौरान
सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। डीएम व एसपी
खुद सुरक्षा के लिए भ्रमण करते नजर आए।
उधर, तिर्वा कस्बे में निकले जुलूसे
मोहम्मदी में हिंदुओं ने भी शिरकत कर मौलानाओं व हाजियों का अभिनंदन किया। शहर
में जामा मस्जिद से शुरू हुए जुलूसे मोहम्मदी में नात पढ़ने व नारे लगाने
का दौर चलता रहा। शहर के हर मोहल्ले से 11 बजे के बाद जुलूस निकले। जगह-जगह
जुलूस का स्वागत करने को लोग उमड़ पड़े।
सड़क किनारे स्टाल लगाकर
बालूशाही, हलवा, बिस्कुट व अन्य पेय पदार्थ को देने का दौर चलता रहा।
ग्रामीण क्षेत्र से भी जुलूस आए और शामिल हुए। जुलूस लाखन चौराहा, छोटा
चौराहा, सब्जी मंडी, पाटा नाला, सफदरगंज होते हुए ईदगाह पहुंचा। यहां मौजूद
कमेटी के लोगों ने जुलूस के आयोजकों का स्वागत किया।
इस दौरान एडीएम संतोष
वैश्य, एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य, एसडीएम सदर सुनील शुक्ला, सीओ सदर करन
सिंह, कोतवाल श्यामवीर सिंह, परियोजना निदेशक एके सिंह समेत कई अन्य
अधिकारी सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेते रहे। शेखाना समेत कई मोहल्लों
के निकले जुलूसों में भी भारी भीड़ उमड़ी। जुलूस के मद्देनजर शहर की मुख्य
मार्केट बंद रही।
चार पहिया गाड़ियों का भी शहर के अंदर प्रवेश रोक दिया
गया। वहीं भीड़ के कारण रोड पर जाम की स्थिति घंटों बनी रही। तालग्राम में
जुलूसे मोहम्मदी में आसपास क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने बढ़र-चढ़कर शिरकत
की। झंडी, झंडे, लाउडस्पीकर के साथ अकीदतमंद मोहम्मद साहब के नारे लगाते
हुए गलियों से जुलूस निकाला।
सुरक्षा व्यवस्था को एसओ मो. इमरान खां पुलिस
बल के साथ मौजूद थे। कस्बे को गुब्बारों व झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया
गया। दोपहर दो बजे नमाज अदा करने के बाद मुगलाना से खलीफा सुभान खां,
मिर्जा खुशनूर बेग, मौलाना नईम अख्तर की अगुवाई में जुलूस शुरू हुए।
बरगदिया
चौराहा होते हुए जिलापुरी कटरा, जयनगर, बजरिया की सड़कों पर जुलूस घूमे।
इस दौरान हाफिज आरिफ, लियाकत, मौलाना वहीद अब्दुल, हाजी रईस, एजाज, इलियास,
डा. तौकीर वारसी, इकलाख वारसी, अशफाक अंसारी, सभासद शकील, परवेज आदि मौजूद
थे।
वहीं सतौरा में पश्चिमी बड़ी मस्जिद से हाफिज मुस्तकीम, खलीफा जुम्मन,
मुतवली विलायत की अगुवाई में बारावफात पर जुलूस निकला। सुजानसराय गांव की
मस्जिद होते हुए गदनापुर सैयदबाबा मजार पर पहुंचकर जुलूस समाप्त हुआ। इस
मौके पर तफरुद्दीन, यूनुस, जलीश खां, रुस्तम खां, इफरान खां, चौकी प्रभारी
अनोखेपुरी, सुशील यादव आदि मौजूद थे।
रसूलाबाद में बड़ी मस्जिद से मौलाना
नसीम अहमद, तकील मुल्ला, मौलाना मजहर आलम की अगुवाई में जुलूस गांव की
गलियों से होते हुए बड़ी मस्जिद पहुंचकर समाप्त हुआ। उधर, मियांगंज,
मानीमऊ क्षेत्र में भी बारावफात धूमधाम से मनाया। उमर्दा व आसपास गांव में
भी जुलूसे मोहम्मदी पूरी शान से निकाले गए।
उधर, तिर्वा के ठठिया रोड स्थित
जामा मस्जिद से हाजी खलील वारिसी ने जुलूसे मोहम्मदी की शुरुआत कराई।
जुलूस में शामिल युवा बैंडबाजे की धुन पर नृत्य कर रहे थे। जुलूस के स्वागत
को ठठिया रोड चौराहे से लेकर गांधी चौक चौराहे तक मुस्लिम समुदाय के लोगों
ने स्टाल लगा लोगों को जलपान कराया।
गांधी चौक चौराहे पर जुलूस में शामिल
हाजियों व मौलानाओं का स्वागत किया गया। इसी दौरान क्षेत्र के बछज्जापुर व
अहेर गांव से भी दो अलग-अलग जुलूस आकर इसी जुलूस में शामिल हो गए। जुलूस
सुभाष नगर, आजाद नगर, अशोक नगर मोहल्ले से होता हुआ रामलीला मैदान से होकर
मंडी बाजार स्थित जामा मस्जिद पहुंचा।
यहां जुलूस का भव्य समापन हुआ। इस
दौरान कमेटी के अध्यक्ष मो. कमर वारिसी, मो. हशीम, मो. इकबाल, जानू
सिद्दीकी, रेहान वारिसी, वसीम वारिसी, बल्लू वारिसी, मो. जमील वारिसी, कलीम
वारिसी, गुल्लू वारिसी आदि मौजूद थे। जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर
एसडीएम उदयवीर सिंह, सीओ सुरेंद्र पाल सिंह, कोतवाल वीएल यादव, पुलिस दल व
पीएसी के साथ मौजूद रहे।
संवेदनशील स्थानों की छतों पर भी पुलिस जवान तैनात
किए गए। क्षेत्र के गांव रुरा, गुरौली, मलगई, निस्तौली, खैरनगर से भी
जुलूस निकले। इस दौरान मजहर हसन, जिला पंचायत सदस्य हाजी हनीफ ठेकेदार,
वाहिद खां आदि मौजूद थेे।