तिर्वा। मेडिकल कॉलेज में सड़क हादसे में घायल मरीजों के इलाज में लापरवाही की सूचना मिलने पर विधायक मौके पर पहुंच गए। अस्पताल में मरीजों की अनदेखी पर विधायक ने नाराजगी जताई और मौके पर मौजूद स्टाफ को फटकार लगाई।
हादसे में घायल मरीजों के इलाज में देरी और लापरवाही की शिकायत पर सोमवार देरशाम मेडिकल कॉलेज पहुंचे विधायक कैलाश राजपूत ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी पाल से लापरवाह कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं, उनकी सेवा समाप्त की जाए।
इसी बीच एक घायल मरीज के परिजन ने विधायक के सामने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ओपीडी में तैनात एक कर्मचारी ने इलाज के नाम पर छह हजार रुपये की मांग की है। यह सुनते ही विधायक भड़क उठे और मौके पर मौजूद अधिकारियों से मामले की तत्काल जांच कराने और दोषी कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों से पैसे मांगना अमानवीय ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की चरम सीमा है।
विधायक ने कहा कि गरीबों और पीड़ितों को सरकार की मंशा के अनुरूप मुफ्त इलाज मिलना चाहिए। यदि कोई कर्मचारी अपने निजी स्वार्थ के लिए पीड़ितों का शोषण करता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी हरकत में आ गया और मामले की जांच शुरू कर दी। प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।