यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को एक जुलाई को राजधानी में अमर उजाला की ओर से सम्मानित किया जाएगा। मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से लखनऊ के लिए बस के जरिए इन बच्चों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना किया। इस दौरान मेधावी बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए।
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सभी टापर्स को सम्मानित करेंगे। मेधावियों को मेडल व प्रमाणपत्र के साथ राज्य सरकार की तरफ से साइकिल भी दी जाएगी। हाईस्कूल व इंटर के टापटेन छात्रों के अलावा हर जिले के टापर्स को भी सम्मान के लिए चुना गया है।
इन गौरवशाली पलों का हिस्सा बनने के लिए जनपद के माया देवी इंटरकालेज की इंटर की छात्रा गुलफ्शां बानो, महेंद्र नीलम इंटरकालेज तिर्वा की इंटर की छात्रा रुचि पाल, रुचि राजपूत और साधना राजपूत के अलावा दसवीं की माया देवी इंटरकालेज की छात्रा प्रिंसी पांडेय लखनऊ जाने से पहले जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पहुंचीं। इस दौरान उनके अभिभावक भी साथ रहे।
यहां बच्चों का माल्यार्पण कर उनको विदा किया कया। प्रभारी जिला डीआईओएस शिव मोहन कुशवाहा, वरिष्ठ लिपिक अमित द्विवेदी, संजू आदि के साथ बस ने लखनऊ के लिए कूच किया। बच्चों के साथ माया देवी इंटरकालेज के प्रधानाचार्य योगेंद्र पाल, महेंद्र नीलम इंटरकालेज के प्रधानाचार्य मदनमोहन चतुर्वेदी भी गए हैं।
----
मेधावियों के मन से निकली बात
इंटर में जिले की टापर गुरसहायगंज की छात्रा गुलफ्शां बानो ने कहा कि वह आईएएस बनना चाहती है। ताकि देश व समाज की सेवा कर सके। वहीं तिर्वा के कमलेपुरवा निवासी साधना राजपूत कहती हैं कि उसका सपना आईएएस बनकर गांवों व गरीबों की सेवा करना है। गांवों में भी अच्छी सड़कें, स्कूल, अस्पताल व बिजली जैसे साधन होने चाहिए। तिर्वा के अशोकनगर निवासी रुचि पाल का कहना है कि वह बैंकिंग क्षेत्र मे नौकरी करना चाहती है। तिर्वा के गांधी नगर निवासी रुचि राजपूत कहती है कि वह डाक्टर बनकर मरीजों की सेवा करने का सपना संजोए है। हाईस्कूल में जिला टापर प्रिंसी पांडेय मैकेनिकल इंजीनियर बनने का ख्वाब संजोए हैं। प्रिंसी का कहना है कि मैथ में उसका विशेष लगाव है। वह इंजीनियरिंग सेक्टर में जाकर ऐसा कुछ करना चाहती है।
------
मुसलिम समुदाय शिक्षा को बढ़ावा दे
इंटर की टापर छात्रा गुलफ्शां बानो की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मुसलिम समुदाय की बेटियां भी किसी से पीछे नहीं हैं। गुलफ्शां की बड़ी बहन गुलनार का कहना है कि लड़कियों को अवश्य पढ़ाना चाहिए। बेटियों पर भरोसा जताएं। यदि स्कूल दूर हो तो भी उन्हें पढ़ने के लिए भेजें। उनकी हिम्मत बढ़ाएं तो वे न सिर्फ पढ़-लिखकर घर-परिवार बल्कि समाज व देश का नाम रौशन करेंगी। परिजनों का बढ़ी होकर सहारा बनेंगी। पढ़ी-लिखी बेटियां कौम के विकास में अहम भूूमिका निभाती हैं।