राजकीय मेडिकल कालेज में एमबीबीएस फाइनल ईयर के प्रेक्टिकल में परीक्षकों के सवालों से घबराकर एक स्टूडेंट बेहोश हो गया। दरअसल, सोमवार को मेडिकल कालेज में फाइनल ईयर के स्टूडेंटों का प्रेक्टिकल लेने 12 विशेषज्ञों की टीम पहुंची। परीक्षकों ने मेडिकल कालेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों के पास स्टूडेंटों को ले जाकर मरीज की बीमारी से संबंधित सवाल पूछे।
राजकीय मेडिकल कालेज में सोमवार को एमबीबीएस फाइल ईयर के 92 मेडिकल स्टूडेंटों का प्रेक्टिकल हुआ। प्रेक्टिकल लेने कानपुर, लखनऊ और आगरा के डाक्टरों की 12 सदस्यी टीम पहुंची। इसमें डा. आरती लालचंदानी , डा. आरके मौर्या, डा. राजेंद्र चौधरी, डा. आजेश चंद्र, डा. पीवी प्रियदर्शी, डा. मृदुल भूषण, डा. संजय कालरा, डा. सीपी पाल, डा. दीपक, डा. केडी तिवारी, डा. एससी प्रजापति और डा. राजेश यादव शामिल थे। टीम ने 23-23 ग्रुप में चार टीमें बनाई।
इन स्टूडेंटों की सर्जरी, मेडिसिन, गाइनी, बाल रोग विषय के अलग-अलग प्रेक्टिकल हुए। टीम ने स्टूडेंटों को इन चारोें विभागों में भर्ती मरीजों के पास बुलाकर उनका वायवा लिया। इस दौरान मरीज की बीमारियों के संबंधित सवाल पूछे। इसी दौरान बाल रोग विभाग ने परीक्षक के सवालों का सामना करने के दौरान एक स्टूडेंट घबरा गया और बेहोश होकर फर्श पर गिर पड़ा। इस पर मौजूद मेडिकल कालेज के कर्मचारियों ने उस पर पानी छिड़ककर उसे होश में लाया। होश में आने पर उसका फिर से वायवा शुरू हुआ।
प्रेक्टिकल के लिए एमसीआई दिल्ली से आनी थी टीम
एमबीबीएस फाइनल ईयर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं एमसीआई दिल्ली की टीम के समक्ष होनी थी। उसके लिए 13 से 16 फरवरी तक एमसीआई टीम का चार दिवसीय विजिट संभावित था। मेडिकल कालेज प्रशासन सोमवार को पूरे दिन एमसीआई टीम का इंजतार करता रहा, पर टीम नहीं आई। प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने बताया कि संभवत टीम मंगलवार की सुबह मेडिकल कालेज पहुंचेगी।