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मेडिकल कालेज कैंपस बना पुलिस छावनी

Mon, 28 Nov 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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सुरक्षा गार्ड - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेडिकल कालेज परिसर में रविवार को हुए बवाल के बाद सोमवार की सुबह से ही मेडिकल कालेज कैंपस को पुलिस ने छावनी बना दिया था। सुबह ओपीडी में ड्यूटी पर आए डाक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ ने काम करने से इंकार कर दिया। इस पर एएसपी ने सभी डाक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। तब कहीं जाकर कामकाज शुरू हुआ।
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उधर, एएसपी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस, पीएसी, दंगा निरोधी दस्ता के लोग कैंपस में मौजूद थे। इमरजेंसी वार्ड के बाहर चार सिपाही व एक दरोगा की ड्यूटी लगाई गई। ओपीडी में भी एक दरोगा व चार सिपाही लगातार ड्यूटी करते रहे।  

मेडिकल कालेज की इमरजेंसी वार्ड में रविवार को हुई तोड़फोड़ के बाद रविवार की देर रात मेडिकल कालेज प्रशासन ने इमरजेंसी वार्ड को बंद कर दिया था। प्राचार्य का तर्क था कि बवाल में कई उपकरण टूट गए। तकनीकी स्टाफ को बुलाकर इनकी मरम्मत कराई जाएगी। सोमवार की दोपहर दो बजे इमरजेंसी कक्ष को व्यवस्थित कर पुन: कामकाज शुरू कराया गया। उधर, सुबह ओपीडी में डाक्टर व कर्मचारी ड्यूटी पर तो आए पर अपने केबिनों में नहीं बैठे। सभी सुरक्षा व्यवस्था के मामले पर चिंतित थे।
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मामला प्राचार्य के समक्ष रखा गया। इस पर प्राचार्य ने सीएमएस कार्यालय में डाक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ की एक मीटिंग बुलाई। मीटिंग में मौजूद जिले के अपर पुलिस अधीक्षक वंशराज यादव ने सभी डाक्टरों को भरोसा दिलाया कि सुरक्षा में कोई खामी नहीं रखी जाएगी। इमरजेंसी कक्ष व ओपीडी में अब निरंतर तिर्वा कोतवाली पुलिस के जवान मौजूद रहेंगे। एएसपी के आश्वासन के बाद डाक्टरों ने कामकाज शुरू कर दिया।

ओपीडी में उमड़ी मरीजों की भारी भीड़
तिर्वा। मेडिकल कालेज की ओपीडी में सुबह नौ बजे से ही मरीजों की भारी भीड़ जुट गई थी। डाक्टरों के केबिनों में न मिलने से मरीज मायूस थे। मीटिंग के बाद जब डाक्टर अपने केबिनों में बैठे तो हर डाक्टर के केबिन के समक्ष मरीजों की भारी भीड़ लग गई। सबसे अधिक भीड़ मेडिसिन कक्ष, आर्थो कक्ष व सर्जरी कक्ष में दिखी।

प्राचार्य ने सुरक्षा के मामले में किए बदलाव
रविवार को हुए बवाल के बाद पुन: ऐसी कोई घटना न हो इसके लिए मेडिकल कालेज प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मामले में कई बदलाव किए हैं। प्राचार्य डा. डीएस मारतोलिया ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड के बगल में एक कक्ष में पुलिस सहायता केंद्र खोला जा रहा है। इसमें पुलिस के जवान लगातार मौजूद रहेंगे। इसके अलावा इमरजेंसी के मुख्य गेट पर चार सशस्त्र निजी सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। अब मरीज के साथ सिर्फ एक तीमारदार को ही अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए मेडिकल कालेज प्रशासन तीमारदार के लिए पास की व्यवस्था करेगा। गाइनी वार्ड में भी दो पुलिस के जवान तैनात किए जा रहे हैं। इमरजेंसी, गाइनी व ओपीडी वार्ड के बाहर जिले के सभी पुलिस अधिकारियों के मोबाइल नंबर चस्पा किए जा रहे हैं। डाक्टरों को भी मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करने की नसीहत दी गई है।

आरजू के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
रविवार को इमरजेंसी वार्ड में उपचार के दौरान किशोरी आरजू की हुई मौत के बाद कोतवाली पुलिस ने शव का पंचनामा भर सोमवार को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। उधर, घटना को लेकर पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाल आमोद कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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