तिर्वा कस्बे के बिजली बिल अधिक आने की शिकायत
उपभोक्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री से की गई। इस पर एमडी और चीफ इंजीनियर ने
तिर्वा कस्बा पहुंचकर हकीकत जांची। शनिवार को चीफ इंजीनियर ने जांच के बाद
हकीकत का खुलासा किया।
तिर्वा कस्बे में हाल ही में अंडरग्राउंड केबिल
डाली गई है। मीटर घरों के बाहर लगाए गए हैं। बिलिंग में अधिक राशि बिजली
उपभोग के अनुसार आ रही थी। उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत सीएम से की थी। सीएम
के आदेश पर शुक्रवार को बिजली विभाग के एमडी सत्यवीर सिंह राठौर, चीफ
इंजीनियर हरीप्रसाद गुप्ता, एक्सईएन विद्युत तिर्वा कस्बा पहुंचे।
जहां
उन्होंने टेस्टिंग के लिए लगाए गए मीटरों की हकीकत जांची। इस दौरान पाया
गया कि दोनों मीटर बराबर की रीडिंग निकाल रहे हैं। इस पर एमडी ने एक दर्जन
से अधिक उपभोक्ताओं से वार्ता भी की। उनको आश्वासन दिया कि जितनी बिजली
खर्च करोगे उतना ही बिल आएगा।
बल्ब के स्थान पर एलईडी या सीएफएल का प्रयोग
करें। इससे बिल कम आएगा और रोशनी भी भरपूर मिलेगी। अधिकारियों ने कस्बे
में पाया कि अधिकतर उपभोक्ताओं ने सीएफएल लगा रखी है। यही अंधेरा होने के
बावजूद उपभोक्ता घरों के बाहर भी लगी सीएफएल नहीं जला रहे हैं। इस पर
उन्होंने खुशी जाहिर की।
शनिवार को चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन विद्युत के
कार्यालय में इसका खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने भी कई उपभोक्ताओं के
यहां चेक मीटर लगवाकर चेकिंग कराई, पर कहीं पर भी मीटर का फाल्ट नहीं पाया
गया। बिलों की समस्या के समाधान को लेकर शनिवार को विद्युत उपकेंद्र तिर्वा
पर कैंप भी लगवाया गया। जिस पर उपभोक्ताओं ने पहुंचकर अपने बिलों को
दुरुस्त कराया और भुगतान को जमा किया।