जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने रविवार को कलक्ट्रेट
सभागार में बैठक लेकर मातृत्व सप्ताह की तैयारियों का जायजा लिया और सुस्ती
बरतने वालों को फटकार लगाते हुए दो-टूक लहजे में आगाह किया कि इस
कार्यक्रम के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं
होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभारी चिकित्साधिकारी खुद कार्यक्रम पर
नजर रखें। एएनएम व आशा गांवों में घर-घर जाकर हर गर्भवती महिला के बारे में
जानकारी जुटाकर टेलीशीट बनाएं। अभी टेलीशीट न बनने पर जलालाबाद के एमओआईसी
के रवैए पर डीएम ने नाराजगी जाई।
फटकार लगाने के बाद उन्हें तत्काल
माइक्रोप्लान व टेलीशीट तैयार करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि मातृत्व
सप्ताह के तहत ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस का आयोजन करके एएनएम, आशा व
आंगनबाड़ी कार्यकत्री महिलाओं को चिह्नित करने के बाद उनके हीमोग्लोबिन,
यूरिन, ब्लड प्रेशर आदि की जांच करें और जो महिलाएं खतरे के दायरे में पाई
जाएं, उन्हें 102 नंबर एंबुलेंस से पांच फरवरी को पास के सीएचसी, पीएचसी
में ले जाकर डाक्टर से उनका चेकअप कराएं।
जिलाधिकारी ने अल्टीमेटम दिया
कि कोई भी गर्भवती महिला जांच के दौरान छूटने न पाए। यदि ऐसा हुआ तो
जिम्मेदार कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ निलंबन, प्रतिकूल प्रविष्टि, वेतन
काटने से लेकर अन्य तरह की दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला
स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर टेलीशीट की क्रास चेकिंग की जिम्मेदारी
सौंपी गई, ताकि कोई फर्जीवाड़ा न करने पाए।
बैठक में सीडीओ उदयराज यादव,
परियोजना निदेशक एके सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एके सिंह, पिछड़ा
वर्ग कल्याण अधिकारी डा. राजेश कुमार बघेल, जिला समाज कल्याण अधिकारी
शैलेंद्र कुमार गौतम, सीडीपीओ बीना सिंह, रामकिशोरी त्रिपाठी आदि मौजूद थे।