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कइयों ने छुआ आसमान, कई के टूटे अरमान

Tue, 03 Nov 2015 12:39 AM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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जिले में वार्ड दो का चुनाव बेहद संघर्षपूर्ण स्थित में रहा है। इस वार्ड में शुरुआत से त्रिकोणीय संघर्ष देखने को मिला। आखिरी दौर तक प्रत्याशियों ने संघर्ष किया। वार्ड में शुरुआत से लीड कर रहे प्रत्याशी को आखिरी राउंड में आंकड़ों की हुई दूसरी बार गणना के बाद महज छह वोटों से पराजय का मुंह देखना पड़ा।
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प्रत्याशी की हार के बाद नेम सिंह गुट के समर्थकों ने गुस्से में जीटी रोड जाम करने की कोशिश की, पर पुलिस के पहुंचने पर समर्थक चले गए। जीत की घोषणा होते ही श्रुतिप्रवास उर्फ प्रीतू कटियार समर्थकों ने उनको फूल-मालाओं से लाद दिया और बाईपास लेकर तिर्वा क्रासिंग तक विजयी जुलूस निकाला।

ज्ञात हो कि वार्ड दो में पहले राउंड से ही नेम सिंह यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी प्रीतू कटियार और अंकुर कुशवाहा पर बढ़त बना ली। इसके अलावा रात्रि सवा एक बजे तक आरओ टेबल पर लगे कंप्यूटर के डाटा के हिसाब से नेम सिंह यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से करीब 1900 वोटों की बढ़त बना ली।
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सुबह साढ़े पांच बजे के करीब सभी बूथों की गणना पूरी होने के बाद नेम सिंह यादव बढ़त बनाए हुए थे। इस पर प्रीतू कटियार के मतगणना एजेंटों ने हंगामा काटना शुरू करा दिया। आरोप लगाया कि गणना सही से नहीं की गई। मामले की जानकारी पाकर पहुंचे एसडीएम सदर सुनील कुमार शुक्ला, सीओ करन सिंह ने अभिकर्ताओं की मांग पर दोबारा मतगणना कराई।

इसमें नेम सिंह यादव के 4,710 व प्रीतू कटियार के 4,195 वोट निकले। प्रीतू कटियार के समर्थक इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने सीडीओ के समक्ष रिकाउंटिंग कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। सुबह साढ़े आठ बजे के बाद पहुंचे डीएम अनुज झा व एसपी कलानिधि नैथानी ने एआरओ समेत अन्य कर्मचारियों को लगाकर दोबारा नए सिरे से मतगणना कराई।

इस दौरान दोनों प्रत्याशियों के एजेंटों को बैठाकर एक-एक सीट की चेक कराई, जिसमें प्रीतू कटियार के छह वोट अधिक निकले। जिसके बाद प्रीतू कटियार को छह वोटों से विजयी घोषित कर दिया गया। मंडी समिति परिसर के बाहर आते ही प्रीतू कटियार को कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से लाद दिया। विजय जुलूस तिर्वा क्रासिंग तक निकाला गया।

उधर, नेम सिंह के अभिकर्ता सुनील सिंह ने बताया कि सुबह के दौरान उनको 565 वोटों से विजयी घोषित किया गया था। कहा गया कि वह अपना प्रमाण पत्र जिला पंचायत से ले लें। फिर उसके बाद बताया गया कि वह 44 वोटों से जीत रहे हैं। जिस पर अफसरों से प्रमाण मांगा गया, पर उन्होंने नहीं दिया।

तीसरी बार करीब तीन घंटे के बाद उनको छह वोटों से प्रशासन ने सत्ता के दबाव में हरा दिया गया। उन्होंने कहा कि धांधली करने के लिए ही उनके प्रत्याशी को पुलिस से गिरफ्तार कराया गया। वह अब न्यायालय की शरण लेंगे।
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