सदर तहसील में भाजपा का धरना प्रदर्शन पुलिस को
गुमराह करते हुए नाटकीय ढंग से शुरू हुआ। शुरुआत में चंद लोगों के धरने पर
बैठने के बाद में सैकड़ों की शक्ल में धरना तब्दील हो गया। धरने को बल
भाजपा के प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह व कानपुर कैंट से विधायक
रघुनंदन भदौरिया व बिहार के एमएलसी सतेंद्र कुशवाहा के आ जाने के बाद मिला।
हालांकि,
इसके पहले पुलिस ने उनको अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए धरना खत्म
करने की हिदायत दी, पर इस चेतावनी के बावजूद कोई भी पीछे नहीं हटा। ज्ञात
हो कि भाजपा का गुरुवार को प्रस्तावित धरना प्रदर्शन बेहद नाटकीय ढंग से
शुरू हुआ। सुबह पौने 12 बजे तक सदर तहसील में आधा सैकड़ा से कम भाजपाई
मौजूद थे, पर धरने पर बैठने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
पालिका
परिषद की चेयरमैन सरोज पाठक, नीलू मिश्रा, ओमप्रकाश पाठक, तरुण चंद्रा,
कल्यान सिंह दोहरे, उमाकांत मिश्रा सहित तमाम भाजपाई तहसील की गैलरी में
जमीन पर बैठ गए। इस दौरान मकरंदनगर चौकी प्रभारी रजनेश यादव सहित अन्य
पुलिस कर्मियों ने पहुंचकर उनसे अनुमति मांगी।
अनुमति नहीं दिखा पाने
पर धरना खत्म करने की हिदायत दी, पर कोई भी भाजपाई पीछे नहीं हटा। इस दौरान
धरने पर बैठने वाले सभी लोगों की पुलिस-प्रशासन ने काफी देर तक
वीडियोग्राफी कराई। इस दौरान दरी लेकर पहुंचे रिक्शा चालक को पुलिस ने
लठिया पटककर भगा दिया।
इसके 15 मिनट के बाद धरना स्थल पर नारेबाजी करते हुए
प्रदेश महामंत्री व अन्य पदाधिकारी पहुंच गए। उनके पहुंचते ही धरने में
जोश भर गया और नारेबाजी के साथ नेताओं ने अपना संबोधन शुरू कर दिया। इसके
कुछ ही देर बाद भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, प्रदेश मंत्री गीता
शाक्य, बाबू केशवदास टंडन, तिर्वा विधानसभा प्रभारी वीर सिंह भदौरिया,
अर्चना पांडेय, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रेखा त्रिपाठी, महाराणा
प्रताप सिंह समेत अन्य भाजपाई नारेबाजी करते हुए पहुंचे।
कुछ ही देर
बाद योगेंद्र भदौरिया, शिशुपाल सिंह चौहान, राजीव ठाकुर सहित अन्य नेताओं
का पहुंचना शुरू हो गया। कुछ घंटों में धरना स्थल पर सैकड़ों की भीड़ जुट
गई। इस दौरान नेताओं ने जमकर पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए, पर
पुलिस मूकदर्शक होकर तमाशा देखती रह गई।