बिजली विभाग के एसडीओ कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला डाल कर बात करते कर्मचारी
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कन्नौज। लॉकडाउन के बाद से बंद चल रहे सरकारी कार्यालय सोमवार को 25 दिन बाद खुले, लेकिन काम नहीं हुआ। अधिकारियों की मजिस्ट्रेटी ड्यूटी लगी होने और कुछ कर्मचारियों के गैरहाजिर होने से कार्यालयों में सन्नाटा रहा। जिले में लॉकडाउन में कोई ढील न दिए जाने से लोग घरों से नहीं निकल पाए। इससे कलक्ट्रेट और एआरटीओ तक में सन्नाटा रहा। जो अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे भी तो वह आपस में बातें करते नजर आए। मनरेगा से काम मंगलवार से शुरू होंगे।
25 मार्च को लॉकडाउन से बंद कार्यालय 20 अप्रैल को खोले गए। कुछ कार्यालयों में पहले दिन विभागीय कार्य निपटाए गए। कलक्ट्रेट, विकास भवन, बीएसए, डीआईओएस, उपसंभागीय परिवहन कार्यालय में सन्नाटा रहा। एआरटीओ कार्यालय को सोमवार को सैनिटाइज कराया गया। गेट से लेकर चैनल व कुर्सी मेज को भी सैनिटाइज किया गया। एआरटीओ संजय कुमार झा, आरआई जितेंद्र सिंह भी कार्यालय पहुंचे। यह दोनों अधिकारी शासन से मांगी गई डिटेल को तैयार करते दिखे।
कार्यालय में जनता से जुड़ा काम न होने से कर्मचारी एक जगह बैठकर बातें करते नजर आए। यही हाल बीएसए कार्यालय का था। कुछ कर्मचारी ही कार्यालयों में मौजूद रहे। इन्होंने पटल पर बैठकर काम नहीं किया। सामाजिक दूरी कायम रखी। यह कोरोना पर चर्चा करते नजर आए। कोई शिक्षक नजर नहीं आया। बिजली विभाग के एसडीओ कार्यालय में भी यही हाल रहा। मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया था। कर्मचारी कार्यालय परिसर में रहे। कुछ लोग बिजली बिल में संशोधन के लिए पहुंचे।
इन्हें बाद में आने के लिए कहकर टरका दिया गया। बिल ऑनलाइन जमा करने के लिए कहा गया। विकास भवन के कई विभागों के अधिकारियों की मजिस्ट्रेटी ड्यूटी होने से यह निर्धारित क्षेत्र में तैनात रहे। यहां भी कर्मचारी बातेें करते नजर आए। वहीं अन्य विभागों के कार्यालय खुले रहे। काम नहीं हुआ।