इलाहाबाद बैंक के सहयोग से चल रहे किसान प्रशिक्षण
केंद्र बहसार में रविवार दोपहर पशुओं का बांझपन रोकने को लेकर गोष्ठी का
आयोजन किया गया, जिसमें लखनऊ से आए पशु धन विकास अफसराें और वैज्ञानिकों ने
किसानों को पशुओं में लगने वाली तमाम बीमारियों से बचने के उपाय बताए।
गोष्ठी
में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पशुधन विकास परिषद लखनऊ के मुख्य
कार्यकारी अधिकारी डा. वीरभद्र सिंह यादव ने कहा कि दुधारू पशुओं में
बांझपन एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रहा है। किसानों को चाहिए कि
बार-बार हीट आने पर भी यदि पशु गर्भधारण नहीं कर पा रहा है तो तत्काल उसे
पशु चिकित्सा केंद्र पर लाकर उसकी जांच कराए।
उन्होंने बताया कि जिले के
किसानों को जल्द ही सेक्सड सीमेन मुहैया कराया जाएगा। इस सीमेन के जरिए 90
फीसदी से अधिक बछिया पैदा की जा सकेंगी। इससे किसानों को काफी लाभ
पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि कन्नौज जिले में एक अप्रैल से राष्ट्रीय पशुधन
बीमा योजना की शुरुआत की जा रही है। हर पशुपालक अपने पशु का इस योजना के
तहत बीमा कराएगा।
कहा कि प्रीमियम की 50 फीसदी धनराशि केंद्र सरकार व 25
फीसदी प्रदेश सरकार देगी। महज 25 फीसदी धनराशि ही पशुपालक को देनी होगी।
इस योजना से पशुओं की आकस्मिक मौत होने पर पशु पालकों को बीमा का लाभ मिल
सकेगा। लखनऊ से आए पशु वैज्ञानिक डा. आशीष उमराव, डा. आर चौधरी, डा. एके
सिंह, डा. अली व जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. वीके त्रिवेदी ने
किसानों को पशुओं के टीकाकरण के अलावा पशुओं में फैलने वाली कई बीमारियों
से बचाव के उपाय बताए।
तिर्वा चेयरमैन प्रतिनिधि विनोद गुप्ता ने तमाम
जानकारियों के लिए पशु चिकित्सकों व वैज्ञानिकों के प्रति आभार जताया।
गोष्ठी का संचालन उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी तिर्वा डा. संजय शाल्या ने
किया।