शारदीय नवरात्र मंगलवार से शुरू हो रहे हैं। देवी
मंदिरों की सफाई, पुताई, साज-सज्जा के काम को सोमवार अंतिम रूप दिया गया।
नगर और आसपास के देवी मंदिरों में सजावट की गई है। सिद्धपीठ मां कालिका
देवी मंदिर परिसर को बिजली के रंग-बिरंगे बल्बों से सजाया गया है।
नवरात्र
भर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने को लेकर बैरीकेडिंग, सुरक्षा के अन्य
इंतजाम किए गए हैं। उधर, सोमवार को पूरे दिन भक्तों ने बाजार में पूजा
सामग्री, मां दुर्गा के श्रंगार के सामान की खरीदारी की। सौरिख रोड
स्थित सिद्धपीठ मां कालिका देवी मंदिर, गमा देवी मंदिर, विशुनगढ़ रोड स्थित
काली देवी मठिया मंदिर सहित अन्य देवी मंदिरों में भी सजावट का काम देर
रात तक चलता रहा।
नवदुर्गा समिति की ओर से नगर के मुख्य मार्ग पर रोशनी का
प्रबंध किया गया है। समिति अध्यक्ष राजीव दुबे ने बताया कि श्रद्धालुओं की
सुविधा को बिजली न होने पर जनरेटरों से प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।
महामंत्री नरेशचंद्र वर्मा ने बताया कि नवमी के दिन 22 अक्तूबर की रात आठ
बजे पश्चिमी बाईपास से दुर्गा की शोभायात्रा शुरू होगी, जो दो किमी रास्ता
तय करके अगले दिन सुबह पांच बजे सिद्धपीठ मां कालिका देवी मंदिर पर समाप्त
होगी।
नगर में तीन जगह 13 अक्तूबर को मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की
जाएंगी। मोहल्ला छपट्टी स्थित जय मां दुर्गा मंदिर में रसूलाबाद के
पहाड़ीपुर से मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा मंगाई गई है। यहां मंगलवार की
सुबह आचार्य शिवकुमार मिश्रा विधि विधान से स्थापित कराएंगे।
जय मां
दुर्गा समिति के राजीव उर्फ रिंकू अरोड़ा, अंकित गुप्ता, मनीष वर्मा, जानू
गुप्ता, विवेक भारद्वाज, रवी गुप्ता, गोलू, राजन, प्रांशु और बंटी चौहान के
सहयोग से नौ दिन तक रात में आठ बजे से भक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक
कार्यक्रमों के आयोजन होंगे।
उधर, पुरानी गल्ला मंडी में भी वृंदावन के
गौरव त्रिपाठी हवन पूजन के साथ मां दुर्गा प्रतिमा की स्थापना कराएंगे।
आयोजन समिति के मुन्नालाल गुप्ता दाल वाले, नितिन गुप्ता, एसके किराना,
रामू गुप्ता, नन्हें मिश्रा, अमित, दीपक रतन, अवली गुप्ता, ऋषि गुप्ता,
कल्लू इलियास आदि के सहयोग से नौ दिन भव्य आयोजन होगा।
मोहल्ला रामनगर में
भी रसूलाबाद के पहाड़ीपुर से 11 फीट ऊंची मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा मंगाई
गई है। इसकी स्थापना मंगलवार को गौरीनाथ मंदिर में दिनेशचंद्र पांडेय
द्वारा की जाएगी। यहां हर दिन सुबह आठ बजे आरती, हवन और रात के समय
डांडिया, रासलीला आदि के कार्यक्रम होंगे।