कन्नौज। तालग्राम कस्बे में करीब दो साल पहले सात साल के बालक की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। बुधवार को अदालत ने आरोपित युवती को दोषी करार देते हुए उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है। 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उसके भाई को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता सुधीर पांडेय ने बताया कि तालग्राम कस्बे के मोहल्ला टीला में एक अप्रैल 2022 को यह वारदात हुई थी। तालग्राम निवासी रहीस खान का बिजली के तार को लेकर पड़ोसी इकबाल की पुत्री साहिबा से विवाद हो गया था। आरोप था कि रंजिश में अगले ही दिन दो अप्रैल 2022 को साहिबा ने रहीस खान के सात साल के पुत्र उवैस को बहलाकर कस्बा के बाहर चुरन शहीद बाबा की दरगाह के पास बुला ले गई। वहां कब्रिस्तान में अपने भाई बादशाह संग मिलकर उवैस की हत्या कर दी थी। उसके बाद शव को वहीं फेंक दिया।
रहीस खान की तहरीर पर साहिबा व उसके भाई बादशाह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की विवेचना कर रहे तत्कालीन कस्बा इंचार्ज आशीष सिंह ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया। इस मामले में अदालत में आठ गवाह पेश हुए। मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) नंदकुमार ने साहिबा को दोषी करार दिया। उसे हत्या में कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट ने उवैस की मां सितारा बेगम को 20 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में देने के आदेश साहिबा को दिए हैं। उसके भाई बादशाह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। बादशाह को जेल से रिहा करने को कहा गया है।