कन्नौज। विवाह के एक माह बाद ससुरालीजनों ने नवविवाहिता की हत्या कर शव गांव के बाहर स्थित तालाब की जलकुंभी में छिपा दिया था। प्रकरण में सुनवाई के बाद एफटीसी प्रथम न्यायाधीश पूर्णिमा पाठक ने बुधवार को पिता-पुत्र काे दाेषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास व 55-55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले की प्राथमिकी थाना ठठिया में 15 मई 2024 को दर्ज कराई गई। बिहार के पूर्णिया जिले के थाना बरहारा कोठी के गांव कमलबाग निवासी हरिमोहन राम ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया था कि पुत्री निक्की (20) की शादी पांच अप्रैल 2024 को ठठिया थाना के मौजा पैथाना के कौलेपुर्वा निवासी शीलू के साथ की थी। शादी के एक माह बाद 13 मई 2024 को पुत्री के पति शीलू व ससुर राकेश ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव गांव के बाहर तालाब की जलकुंभी में छिपा दिया पर थाना पुलिस ने 15 मई 2024 को बरामद किया था।
पुलिस के जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया। अदालत में चली सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने पति शीलू व उसके पिता राकेश को दोषी मानते हुए सश्रम आजीवन कारावास व 55,000-55,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी पिता-पुत्र को न्यायिक हिरासत में लेकर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया।