उधारी के रुपये के लेनदेन को लेकर बहाने से युवक को
साथ में ले जाकर मार डालने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय के अपर
जिला जज प्रथम चंद्रभूषण सिंह ने दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
मामले में कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव के चलते एक आरोपी को बरी भी कर दिया
है।
इस बाबत शासकीय अधिवक्ता छेदीलाल गौतम ने बताया कि वादी शरीफ खां
पुत्र भिख्खा खां निवासी इस्लामनगर थाना सौरिख ने सौरभ त्रिपाठी पुत्र
देवेंद्र त्रिपाठी निवासी अजायबपुर हाल निवासी कांशीराम कालोनी धमा के ताल
छिबरामऊ, राधाकिशन पुत्र सियाराम बाथम निवासी अजायबपुर और शशांक पुत्र कौशल
किशोर शाक्य निवासी 3/106 आवास विकास कालोनी छिबरामऊ के खिलाफ हत्या की
धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें कहा गया था कि उसका पुत्र अनीस
(25) तिवारियान मोहल्ला छिबरामऊ में किराए पर रहता था। वह पालिका रोड पर
गैस चूल्हा मरम्मत का व्यवसाय करता था। 18 जनवरी 13 को शाम साढ़े तीन बजे
सौरभ, शशांक एवं राधाकिशन अनीस के आवास पर पहुंचे। उस वक्त घर पर उसका पिता
और पत्नी मौजूद थे।
उक्त तीनों लोग उधारी का रुपये के लेनदेन की बात
कहकर अनीश को साथ ले गए। इसके बाद उसकी हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया।
अनीश के वापस घर न लौटने पर जब परिजन जानकारी करने गए तो उनसे मारपीट की
गई। इस घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों को
गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर अनीश का शव बरामद किया था।
मामले की
सुनवाई एडीजे प्रथम की कोर्ट में हुई। दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों
एवं वकीलों के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने सौरभ त्रिपाठी व राधा किशन
को उम्र कैद व 17-17 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। वहीं शशांक के खिलाफ
साक्ष्य न मिलने पर उसे बरी करने का फरमान सुनाया।