तिर्वा तहसील में अधिवक्ता-लेखपाल विवाद का अभी तक निदान नहीं हो सका है। आरोपी वकीलों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर सोमवार को लेखपालों व अमीन संवर्ग के कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इस प्रकरण को बार काउंसिल आफ इंडिया में भेजने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह यादव की अगुवाई में दर्जनों लेखपाल और अमीन कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए। संगठन के जिला महामंत्री सोबरनलाल भारतीय का कहना था कि विगत 25 अप्रैल को तिर्वा तहसील में लेखपाल भगवानदीन शुक्ला के साथ तहसील तिर्वा के वकील सुधीर व उनके सहायक विजय कुमार ने मारपीट व सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की थी।
इसकी सूचना 29 अप्रैल को संगठन ने डीएम को दी थी। आश्वासन के बाद सभी कर्मचारी भयभीत होकर भी कार्य करते रहे। कार्रवाई न होने पर लेखपाल संघ तिर्वा ने 8 मई को अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया। अभी तक मामले में कोई निर्णय न होने पर आज फिर से लेखपाल धरना-प्रदर्शन को मजबूर हुए। अमीन संघ के जिलाध्यक्ष नरसिंह बहादुर ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लेखपालों से गाली-गलौज व जानमाल की धमकी देना गलत है।
इसी के चलते उनके संगठन ने लेखपालों को नैतिक समर्थन दिया और अमीन संघ भी कार्य बहिष्कार कर हड़ताल में शामिल हुए हैं। इस मौके पर लेखपाल अखिलेश मिश्रा, अमित मिश्रा, आशीष श्रीवास्तव, अजीत गुप्ता, सुरेंद्र यादव, विजयकांत शुक्ला सहित कई लेखपाल मौजूद रहे।
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राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद ने दिया समर्थन
कलेक्ट्रेट में लेखपालों के धरने में पहुंचे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष डा. अशोक सविता ने जिले के सभी कर्मचारियों की ओर से लेखपालों को नैतिक समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने अधिवक्ताओं की सूची बनाकर तीन दिन के अंदर ही बार काउंसिल आफ इंडिया को भेजकर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराए जाने की मांग उठाई।
साथ ही भविष्य में इस प्रकार की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए आरोपियों से हलफनामा भी लिए जाने की मांग उठाई। इसके चलते 19 मई को दोपहर 12 बजे राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अपने संवर्गो की एक आपातकालीन बैठक कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित होगी। इसमें आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी।