उत्पीड़न का आरोप लगाकर वकीलों ने बुधवार को पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जुलूस निकालकर सीओ और एसडीएम समेत कई कार्यालयों पर ताला जड़ दिया। साथ ही न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए कार्य प्रणाली में सुधार न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
बुधवार सुबह बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजकुमार सिंह के नेतृत्व में जुटे वकीलों ने जुलूस निकारकर सीओ कार्यालय से कर्मचारियों को बाहर कर तालाबंद कर दिया। इसके बाद एसडीएम कक्ष समेत अन्य कार्यालयों पर भी ताला जड़ दिया। वकीलों का कहना था कि पुलिस ने अधिवक्ता अमित अग्निहोत्री की 14 जनवरी को बाइक सीज कर दी थी। इसके अलावा सिविल बार एसोसिएशन के महासचिव पंकज मिश्रा के मुंशी ग्राम खानपुर निवासी सुनील वर्मा के पिता रवीश वर्मा पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए 17 जनवरी को हिरासत में लेकर कोतवाली में बैठाए रखा। पुलिस की इस कार्य प्रणाली की निंदा करते हुए अधिवक्ताओं ने रोष व्यक्त किया।
मालूम हो कि अधिवक्ता की बाइक का चालन होने के अगले दिन वकीलों ने तहसील में सीओ के पेशकार ओमकार सिंह की बिना नंबर की बाइक को सीज करवा दिया था। अधिवक्ताओं का कहना था कि बाइक सीज का मामला न्यायिक अधिकारी देखते हैं, लेकिन इस मामले में कोतवाली पुलिस ने सीओ को अधिकृत कर दिया। कहा कि चुनाव आचार संहिता की आड़ में कोतवाली पुलिस मनमानी कर लोगों को बेवजह परेशान कर शोषण कर रही है। इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से भी करेंगे।
इस दौरान रजनेश यादव, ओमप्रकाश सिंह, सुधाकर अग्निहोत्री, सतेंद्र बौद्ध, पवन त्रिपाठी, केटी मिश्रा, अंकुर मिश्रा, विशाल दुबे, सौरभ त्रिपाठी, धीरज तिवारी, अजीत मिश्रा, विमल पांडेय, मनोज कुमार सिंह, विवेक पांडेय आदि रहे।