लेखपाल और वकीलों के बीच चल रहे विवाद के बीच बुधवार को वकीलों ने कलेक्ट्रेट में जमकर हंगामा किया। धरने पर बैठे लेखपालों से आमना-सामना होते ही दोनों पक्षों से जमकर गाली-गलौज हुआ। नौबत मारपीट तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने वकीलों को मौके से हटाया। इस दौरान वकीलों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर लगा ताला तोड़ दिया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिवक्ताओं ने डीएम से वार्ता की। इसमें मामला सुलह-समझौते के आधार पर निपटाने की बात रखी गई।
जिला एवं सत्र न्यायालय/सदर तहसील में कार्यरत करीब एक सैकड़ा से अधिक वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल दोपहर 12 बजे लेखपालों के खिलाफ नारेबाजी करता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा। वकीलों का समूह कलेक्ट्रेट में डीएम को ज्ञापन देने जा रहा था। इसी दौरान कुछ वकीलों ने धरने पर बैठे लेखपालों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इससे माहौल गरमा गया। इसके बाद दोनों ओर से जमकर गाली-गलौज होने लगी। इसी बीच वकीलों ने लेखपाल संघ के लगे बैनर को फाड़ डाला। मामले की जानकारी पाकर मुख्य गेट पर मौजूद पुलिस बल घटनास्थल की ओर भागा।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने वकीलों को समझाने का प्रयास किया तो उनके साथ धक्का-मुक्की हुई। पुलिस किसी तरह वकीलों को मुख्य गेट तक ले गई। गेट पर ताले लगे देख वकीलों का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने मुख्य गेट के ताले तोड़ दिए। गेट के खुलते ही वकील कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते हुए घुस गए।
एक बार फिर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन धक्का-मुक्की करते हुए अधिवक्ता डीएम कार्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने लेखपालों के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी ने वकीलों के प्रतिनिधि मंडल को कार्यालय में बुलाया।
यहां कन्नौज बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह यादव सहित कई अन्य पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। डीएम ने वकीलों से कहा कि वह कानून के रक्षक हैं। कानून को अपने हाथों में न लें। संगठनों के पदाधिकारियों के साथ वार्ता चल रही है। जल्द ही समझौता करा दिया जाएगा।
लेखपालों ने भी डीएम को सौंपा ज्ञापन
इस दौरान धरने पर बैठे लेखपाल संघ ने भी डीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने वकीलों पर कई आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रपाल सिंह यादव व जिला महामंत्री सोबरनलाल भारती ने कहा कि दोपहर 12:10 बजे के करीब कलेक्ट्रेट में शांतिपूर्ण धरने पर बैठे लेखपाल व अमीन संवर्ग के कर्मचारियों के साथ वकीलों ने गाली-गलौज की। धरना खत्म न करने पर जान से मार देने की धमकी दी। इस दौरान अधिवक्ता अपने हाथो में लाठी-डंडे लेकर धमका रहे थे। यही नहीं लेखपाल संघ के लगे बैनर को भी धरना स्थल से नोचकर फेंक दिया।
लेखपालों के साथ आया कर्मचारी परिषद
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सविता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरके त्रिपाठी, मंत्री मान सिंह प्रजापति, आडीटर इंजीनियर ओमप्रकाश ने भी डीएम को लेखपालों के पक्ष में ज्ञापन सौंपा। जिसमें बुधवार को हुई घटना की निंदा की गई। साथ ही निर्णय लिया गया कि यदि 23 मई तक इस समस्या का निदान न हुआ तो राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद समस्त कर्मचारियों के साथ धरना स्थल पर बैठने को मजबूर होंगे।
तहसील कर्मचारी दफ्तरों में ताले डाल भागे
तिर्वा। तहसील सभागार में बुधवार दोपहर बार एसोसिएशन तिर्वा व लायर्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की एक संयुक्त बैठक हुई। बैठक के दौरान लेखपालों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। वकीलों के हंगामे व शोर-शराबे के चलते तहसील में कार्यरत सभी कर्मचारी दफ्तरों में ताले लगाकर भाग गए। उधर अधिवक्ताओं ने बैठक के बाद एलान किया कि गुरुवार से तहसील के सभी कार्यालयों में ताला डालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
सब रजिस्ट्री दफ्तर भी बंद कराएंगे। बैठक के दौरान गुरुवार के होने वाले प्रदर्शन की रुपरेखा तय की गई। इस दौरान वकीलों के हंगामे से एसडीएम कोर्ट, तहसीलदार कोर्ट, भूलेख कार्यालय, आरके कार्यालय, संग्रह अमीन कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारी अपने दफ्तरों में ताले लगाकर भाग गए।