छिबरामऊ। बहुचर्चित हलीमा बीबी प्रकरण की दो फाइलों और पाकिस्तान गए लोगों की तीन फाइलों में दर्ज करोड़ों रुपये कीमत की भूमि को साल के अंतिम दिन एसडीएम ने राज्य सरकार में दर्ज करा दिया है।
बुधवार को एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि छिबरामऊ देहात की गाटा संख्या 539 तथा नगर पालिका के गाटा संख्या 921 मिलजुलमा में हलीमा बीबी पत्नी मौजूद अली का नाम दर्ज था। इनके पाकिस्तान चले जाने पर राजस्व संहिता की धारा 115 के तहत वर्तमान समय में लावारिस होने के कारण यह भूमि शत्रु संपत्ति घोषित होने तक सुरक्षा के लिए राज्य सरकार में दर्ज कर दी गई है।
इसी तरह सौरिख के ग्राम कायमपुर के गाटा संख्या 989 से मोहम्मद अली पुत्र साबिर अली, ग्राम सकरावा की गाटा संख्या 1733 में दर्ज महमूद हुसैन उर्फ बल्दू हुसैन पुत्र बुद्ध हुसैन, समीद हुसैन पुत्र जाहिद हुसैन तथा कस्टोडियन व गाटा संख्या 1460 में दर्ज मोहम्मद शमीम, मोहम्मद नसीम पुत्रगण अहमद हुसैन कस्टोडियन को राज्य सरकार में दर्ज कर दिया गया है। तालग्राम के ग्राम इस्माइलपुर के गाटा संख्या 1912 कस्टोडियन बलीउल्ला, हसमतउल्ला पुत्रगण रियासतउल्ला तथा मोहम्मद शफीक पुत्र अलीमुल्ला निवासी पाकिस्तान की भूमि शत्रु संपत्ति घोषित होने तक राज्य सरकार में दर्ज कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि सभी संपत्तियाें को अभिलेखों में दर्ज करने के लिए तहसीलदार अवनीश कुमार सिंह को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति विभाग को भी पत्र भेजा गया है। बताते चलें कि हलीमा बीबी तथा पाकिस्तान गए लोगों की संपत्ति की जांच के बाद यह गाटा नंबर निकले थे। इससे पहले भी हलीमा बीबी की करोड़ों रुपये कीमत की भूमि जो छिबरामऊ के कई गांव में दर्ज थी उसे राज्य सरकार में दर्ज किया गया था।