हसेरन ब्लाक के खरगपुर में सफाई करता कर्मचारी।
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कन्नौज। पिछले वर्ष की तुलना में कोरोना संक्रमण की स्थिति बेहद चिंताजनक है। देहात इलाकों में डेंगू, वायरल बुखार की भी दस्तक है। रोगियों की तादाद बढ़ती जा रही है। जिला प्रशासन ने घोषित कोरोना कर्फ्यू के बीच ग्राम पंचायत स्तर सफाई अभियान तेज कराया है। शनिवार को कर्मचारियों ने गांव की गलियों में फागिंग की। निगरानी समितियां भी लोगों से फीडबैक ले रही हैं।
प्रशासन के निर्देश पर ग्राम पंचायत स्तर पर साफ-सफाई, हाइपो क्लोराइड, ब्लीचिंग पाउडर, चूना का छिड़काव और फागिंग कराई गई। कर्मचारियों ने ग्राम पंचायत बिरौली की गलियों में फागिंग की। इससे कि मच्छरों से निजात मिल सके। ग्रामीणों को कोरोना काल में विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए। वहीं गांवों में इस बार भयावह स्थिति की आशंका है। इससे प्रशासन निगरानी समितियों को सक्रिय रहने के निर्देश दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों ने अपनी जीत पक्की करने के लिए बाहरी प्रदेशों में नौकरी कर रहे गांव के परिवारों को अपने निजी खर्चे पर वोट डालने के लिए बुलवाया है। यह अलग-अलग साधनों से गांव पहुंचे हैं। इस दौरान इनकी जांच नहीं हुई। इससे खतरा बना हुआ है। निगरानी समितियों को बीमार होने वालों की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
महाराष्ट्र, मुंबई में नौकरी करने वालों की संख्या ज्यादा
परिवार के पालन पोषण के लिए जिले के अधिकतर युवा महाराष्ट्र, मुंबई, गोवा, सूरत, दिल्ली, हरियाणा में नौकरी करते हैं। इस बार कोरोना का संक्रमण सबसे ज्यादा महाराष्ट्र और मुंबई में है। इन्होंने गांव आने के बाद चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया। वोट भी मांगे हैं। लाइन में लगकर मतदान किया है। ऐसे में गांव के दूसरे लोगों के संक्रमित होने का खतरा मंडरा रहा है।