कन्नौज। कोहरे में हर साल आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हादसों का दौर शुरू हो जाता है। धुंध के चलते वाहन सवारों की जान पर बन आती है। इस बार शासन ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कोहरे के चलते होने वाले हादसों का संज्ञान लेकर गाइड लाइन जारी की है।
गाइड लाइन के मुताबिक 15 फरवरी तक एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया गया है। कोहरे में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहनों की गति सीमा को कम किया गया है। यह नियम 15 दिसंबर से लागू हो गया है। एक्सप्रेसवे पर कार और अन्य हल्के वाहनों की गति 80 किलोमीटर और भारी वाहनों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। वाहन चालक अक्सर कोहरे में तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं। निर्धारित समय से पहले पहुंचने पर चालान के डर से पार्क लेन पर खड़े जाते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार में आने वाले दूसरे वाहन टकरा जाते हैं। नियमों का पालन न करने वाले चालकों के कैमरों और स्पीड रडार के जरिए चालान काटे जाएंगे। यूपीडा सुरक्षा अधिकारी मनोहर लाल ने बताया कि कोहरे में हादसों की रोकथाम के लिए यूपीडा और एनसीसी टीम ने रेफ्लेक्टर, संकेतक और अस्थायी बैरियर की व्यवस्था की है। तेज वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
टोल प्लाजा पर प्रचार, पर्चे के साथ मिलेगी चाय
कोहरे में एक्सप्रेसवे पर हादसों की रोकथाम के लिए टोल प्लाजा और प्रवेश प्वाइंट पर चालकों को फ्री में चाय दी जाएगी। इसके अलावा उन्हें ट्रैफिक नियमों की जानकारी के लिए पर्चे भी बांटे जाएंगे।
वाहनों की चेक होगी फिटनेस
कोहरे के दौरान एक्सप्रेसवे पर उप संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी वाहन चेक कराएंगे। इंडीकेटर, रिफ्लेक्टर और फॉग लाइट न होने पर वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।