ठठिया थाना के चंदौली गांव में चार नवंबर को आठ वर्षीय बालक की चाकुओं से गोंदकर नृशंस हत्या उसके पिता ने ही की थी। स्वयं आरोपी पिता ने पुलिस अधीक्षक के सामने यह सच उगल दिया।
हत्या की पृष्ठभूमि में आरोपी का कहना था कि पुत्र की हत्या के मामले में वह पत्नी को भगा ले जाने परिवार को फंसाकर उसे सबक सिखाना चाहता था। पुलिस अधीक्षक ने उक्त हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दो हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी के मुताबिक गांव चंदौली में आठ वर्षीय बालक अनुज पुत्र मिथलेश कुमार का शव गन्ने के खेत में पड़ा पाया गया था। मृतक के पिता मिथलेश ने गांव के ही महावीर पुत्र राजू, वीरु पुत्र राधेश्याम, गीता पत्नी राजू व महबूबपुर थाना रसूलाबाद कानपुर देहात निवासी नवल पुत्र दिवारीलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मामले की विवेचना ठठिया थानाध्यक्ष संतोष व्यास कर रहे थे। जांच के दौरान थानाध्यक्ष ने मृतक के पिता को ही दोषी मानते हुए गिरफ्तार किया। क्षेत्राधिकारी तिर्वा सुरेंद्र प्रताप सिंह ने जब मिथलेश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया।
एसपी कार्यालय में उसने बताया कि उसकी पत्नी लक्ष्मी को राजू का पुत्र महावीर भगा ले गया था। कुछ दिन बाद वह स्वयं लौट आई। कुछ दिन रहने के बाद वह घर में रखे सोलह हजार रुपये की नकदी लेकर पुन: चली गई।
पत्नी को भगाने वालों को सजा दिलाने के लिए उसने अपने ही आठ वर्षीय पुत्र अनुज को शाम के समय खेतों की ओर ले गया, जहां चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी और शव को संजू मिश्रा के गन्ने के खेत में डाल दिया। पूछताछ के दौरान उसने हत्या में प्रयोग किए गए चाकू को एक कूड़े के ढेर में गड़े होने की बात कही। पुलिस ने चाकू भी बरामद कर लिया।