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केले की खेती से खुला बरकत का रास्ता

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केले की खेती देखतीं महिला किसान मंजू देवी। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। केले की खेती कर महिला किसान ने परिवार की बरकत का रास्ता खोल दिया है। महिला किसान की प्रेरणा से आलू बेल्ट में केले की खेती का दायरा बढ़ने लगा है। आसपास के जिलों के किसान भी केले की खेती के गुर सीखने पहुंच रहे हैं।
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जसोदा कस्बे से सटे किशवापुर गांव की किसान मंजू देवी के पास 20 बीघा खेती है। पति विवेक कटियार और बेटे सचिन, कुलदीप के हाड़तोड़ मेहनत के बाद भी परिवार के सामने आर्थिक संकट रहता था। वह पिछले साल जिला मुख्यालय पर लगे किसान मेले में पहुंचीं। यहां कृषि विशेषज्ञों ने केले की खेती की बाबत जानकारी दी। मंजू ने परंपरागत खेती के बजाय केले की खेती करने का मन बनाया। मंजू ने इस साल 20 बीघा में केले की खेती की। पिछली बार बारिश में लगाए पौधे फल देने लगे हैं। वह बाजार में 15 रुपये किलो केला बेच रही हैं। आमदनी बढ़ी तो परिवार में खुशहाली आने लगी।
अब केले की खेती का हुनर सीखने फर्रुखाबाद, इटावा और औरैया से भी किसान मंजू देवी के पास पहुंच रहे हैं। मंजू देवी ने बताया कि कम लागत और कम समय में तैयार हुई केले की खेती वरदान साबित हुई है। अब इलाके के कई किसानों ने केले के पौध्ेा लगाना शुरू कर दिए हैं।
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75 हजार रुपये खर्च कर शुरू की खेती
मंजू देवी ने बताया कि जिला उद्यान विभाग ने खासी मदद की। जी- 9 कागजी केले की प्रजाति महाराष्ट्र के जलगांव से मंगाई है। इस प्रजाति का केला बड़ा होता है। उत्पादन भी अच्छा मिलता है। 75 हजार रुपये खर्च कर केले की खेती शुरू की थी। फसल के दाम बेहतर मिल रहे हैं।
केले के साथ शिमला मिर्च से कमाए सात लाख
मंजू देवी ने केले के साथ शिमला मिर्च की खेती कर पुरस्कार भी हासिल किया है। उन्होंने बताया कि जब केले की पौध छोटी थी तब शिमला मिर्च लगाई थीं। इस फसल से सात लाख कमाए हैं। वह इलाके के दूसरे किसानों को भी परंपरागत खेती के अलावा दूसरी खेती करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
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