कन्नौज के गुरसहायगंज के खाद व्यापारी विकास गुप्ता और पल्लेदार असलम का अपहरण फतेहगढ़ के हिस्ट्रीशीटर राम मिस्टर यादव ने किया था। चौबीस घंटे के भीतर दोनों को सकुशल ढूंढ लिया गया। हिस्ट्रीशीटर समेत तीन को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है। आईजी ने टीम को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
गुरसहायगंज कस्बे के मोहल्ला पटेल नगर के विकास गुप्ता की मुरादगंज में खाद की दुकान है। गुरुवार देर रात चचेरे भाई रजनीश गुप्ता के पास आए फोन के बाद विकास मुरादगंज के पल्लेदार असलम के साथ खाद की बोरी देने दुकान पर गए थे। यहां बोलेरो सवार बदमाशों ने दोनों का अपहरण कर लिया था। शुक्रवार को एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि एएसपी अरविंद कुमार की अगुवाई में एसओजी व पुलिस टीम ने 24 घंटे में सफलता प्राप्त कर ली।
व्यापारी और पल्लेदार को ढूंढ लिया गया। तीन लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें फतेहगढ़ का हिस्ट्रीशीटर राम मिस्टर, भूपेंद्र और धनसुआ का पंकज है। फतेहगढ़ सिविल लाइन के रंजीत यादव और रमपुरा के समित कुमार की तलाश की जा रही है। बोलेरो को कब्जे में ले लिया गया है। राम मिस्टर पर लूट, हत्या समेत 36 मुकदमे हैं।
नीली बत्ती व पर्दे लगी बोलेरो में घूमते थे बदमाश
नीली बत्ती व सफेद पर्दे लगी बोलेरो जिले में कई दिन से देखी जा रही थी। यह किसी ईएमओ (आकस्मिक चिकित्साधिकारी) की बताई जा रही है। इसी बोलेरो को कुछ दिन पहले तिर्वा क्रासिंग के पास रात में घूमते देखा गया था। तब भी इसमें चार-पांच लोग सवार थे। इसी बोलेरो से व्यापारी विकास गुप्ता और असलम का अपहरण किया गया था। नीली बत्ती के चलते इन्हें पुलिस से भी बच निकलने में आसानी होती थी। राममिस्टर के एक रिश्तेदार का भी नाम सामने आ रहा है।
आराेपी भूपेंद्र और राममिस्टर यादव
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दोनों को दुर्गपुर गांव की कटरी में रखा था
फर्रुखाबाद जिले के दुर्गपुर गांव की कटरी की झोपड़ी में दोनों को रखा गया था। यहीं से लगातार परिवार से संपर्क कर फिरौती मांगी जा रही थी। फिरौती की रकम 30 से शुरू होकर 10 लाख पर आ गई थी। यह बार-बार सिम बदलकर फिरौती की मांग कर रहे थे।
तनाव में दिखे विकास, पिता से लिपट कर रो पड़े
पुलिस ऑफिस में मीडिया से बातचीत करने के लिए एसपी प्रशांत वर्मा ने पत्रकारों को बुलाया। इसी बीच वहां अपने अपहृत बेटे विकास को देख पिता रवींद्र चंद्र गुप्ता लिपटकर रो पड़े। विकास तनाव में दिखे। वह कुछ भी बोल पाने में असमर्थ महसूस कर रहे थे। असलम साथ में था। असलम ने बताया कि दिन में केवल एक बार खाना खाने को दिया था, वह भी आधे पेट। रास्ते भर मारपीट करते हुए ले गए थे। विकास के सिर पर चोट लगी है। मुझे नहीं मारा, विकास को ज्यादा परेशान कर रहे थे।
भैंस व्यापारी को अगवा कर हत्या में भी हो सकता हाथ
मामला साल 2020 का है। कुसुमखोर गांव के भैंस व्यापारी को गुगरापुर ब्लाक के पास से रात में अगवा कर लिया गया था। तीन से चार दिन बाद फर्रुखाबाद की कटरी में भैंस व्यापारी का शव मिला था। अभी खुलासा नहीं हो पाया था। अब इनके उसी जगह पकड़े जाने के बाद इस गैंग पर इसकी भी संभावना जताई जा रही है।