जिला अस्पताल के एसएनसीयू बार्ड में भर्ती लावारिस परी।
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कन्नौज। जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती परी पूरी तरह से ठीक है। अब पूरे छप्पन दिन बाद आज बाल संरक्षण टीम उसे शिशु गृह लखनऊ लेकर जाएगी। चिकित्सा टीम की निगरानी में उसे जीवन रक्षक विशेष एंबुलेंस से ले जाने की तैयारी की गई है।
11 सितंबर को औरैया जिला के कस्बा बेला बंशरामऊ निवासी 28 वर्षीय आरती को प्रसव पीड़ा हुई थी। पति आकाश ने जिला अस्पताल में उसे भर्ती कराया था। यहां डा. मनप्रीत कौर ने आरती का प्रसव कराया। इस दौरान आशा बहू और परिजनों ने बच्चे की जगह बच्ची को बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया, जिससे सदमे में आरती की मौत हो गई। इसके बाद आकाश ने बच्ची को लेने से इनकार कर दिया था। इसी के बाद से नवजात बच्ची जिला अस्पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती है। चिकित्सकों ने उसका नाम परी रख दिया है। परिजनों के स्वीकार न करने के कारण बाल संरक्षण विभाग को परी को शिशु गृह लखनऊ पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण परी को लखनऊ नहीं भेजा जा पा रहा था। गुरुवार को जिला अस्पताल प्रबंधन ने परी के स्वस्थ होने का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी कर दिया। इसके बाद अब जिला प्रबोशन अधिकारी शैलेंद्र सिंह और सीएमएस डा. शक्ति बसु ने परी को शुक्रवार सुबह शिशु गृह लखनऊ भेजने का फैसला लिया है।
सीएमएस ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ व बाल संरक्षण टीम के साथ परी जीवन रक्षक एंबुलेंस से लखनऊ भेजी जाएगी। तैयारी पूरी कर ली गई है।
बच्ची के माता-पिता कौन हैं, यह स्पष्ट करने के लिए आरती व आकाश का सैंपल लेने के साथ परी का सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए लखनऊ भेजा गया था। अभी तक डीएनए टेस्ट रिपोर्ट नहीं आई है। परी के जाने की जानकारी मिलते ही उसकी नियमित देखभाल करने वाले स्टाफ और चिकित्सकों में मायूसी है।
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