तिर्वा(कन्नौज)। एक सप्ताह पहले दिल्ली से लौटी महिला को बुखार व खांसी में मेडिकल कालेज लाया गया। कोरोना के लक्षण की आशंका देख उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया। डाक्टर ने कोरोना की आशंका पर उसे जांच के लिए कानपुर रेफर कर दिया। इस दौरान 108 इमरजेंसी सेवा पर फोन कर एंबुलेंस बुलाई गई लेकिन कोरोना वायरस की बात सुनकर चालक ने दूर होेने की बात बताकर नहीं पहुंचा। करीब तीन घंटे मशक्कत के बाद महिला को मेडिकल कालेज की एंबुलेंस से कानपुर रेफर किया गया।
रविवार की दोपहर तिर्वा क्षेत्र की करीब 52 वर्षीय महिला को बुखार व खांसी से ग्रस्त होने पर तिर्वा मेडिकल कालेज लाया गया। यहां डाक्टर व कर्मचारियों ने कोरोना वायरस की आशंका मानकर मरीज को मेडिकल कालेज में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया। यहां मरीज के पूछताछ में पता चला कि महिला दिल्ली में पुत्र के साथ ठेली लगाने का काम करती है। तबीयत खराब होने पर वह एक सप्ताह पहले गांव चली आई। यहां उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ बल्कि दिक्कत बढ़ती चली गई। यह बात सुनकर मेडिकल कालेज में हड़कंप मच गया। चिकित्सक से लेकर कर्मी तक सतर्क हो गए। साथ ही महिला को कोरोना की आशंका मानकर उसे कानपुर के लिए रेफर कर दिया। परिजन 108 इमरजेंसी सेवा पर फोन कर गाड़ी बुलाने लगे। एंबुलेंस कर्मी ने जब महिला की बीमारी के बारे में पूछा तो उन्हें एंबुलेंस व्यस्त और दूर होने का बाहना बनाकर मना कर दिया। कई बार फोन करने के बाद भी 108 एंबुलेंस नहीं आई। परिजनों ने इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से की। उनकी पहल पर महिला को मेडिकल कालेज की एंबुलेंस से कानपुर भेजा गया। सीएमएस डा. दिलीप सिंह ने बताया परिजनों ने बताया महिला को करीब सात दिनों से बुखार व खांसी आ रही है। इसलिए महिला को कोरोना वायरस की जांच के बाद ही पुष्टि की जा सकेगी।
कोरोना वायरस की आशंका में महिला को ले जाने के लिए किट की जरूरत थी। इसकी जिला अस्पताल में पड़ताल कराई गई तो यहां किट नहीं मिली। इसके बाद मेडिकल कालेज में किट काप इंतजाम कर उसे कानपुर भेजा गया।