यूक्रेन से लौटी छात्रा ईशा श्रीवास्तव, मां पूजा श्रीवास्तव के साथ। संवाद
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गुरसहायगंज। लंबे इंतजार के बाद जब यूक्रेन से सकुशल घर पहुंची एमबीबीएस की छात्रा ईशा श्रीवास्तव का फूल माला और बैंड बाजों के साथ स्वागत किया गया। ईशा ने बताया कि यूक्रेन से रोमानिया पहुंचने पर उसे एक परिवार ने शरण दी, जहां उसके साथ अपने बच्चे की तरह व्यवहार किया गया। परिजनों ने केंद्र सरकार के प्रयासों की जमकर सराहना की।
कस्बा के मोहल्ला रामकृष्ण नगर निवासी अमित श्रीवास्तव की इकलौती संतान ईशा श्रीवास्तव यूक्रेन के टर्नोपिल में एमबीबीएस की शिक्षा ग्रहण कर रही थीं। रूस और यूक्रेन में युद्ध छिड़ जाने के बाद ईशा परेशानियों को झेलते हुए रोमानिया पहुंच गईं। जहां उसे एक घर में शरण मिली थी। केंद्र सरकार के प्रयासों से ईशा गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे अपने घर आ गईं। उसके आने की सूचना मिलने पर घर को जाने वाले रास्ते पर गुब्बारों की सजावट की गई थी और बैंड बाजा के साथ फूल माला पहनाकर ईशा का स्वागत किया गया। परिजनों से मिलकर सभी भावविभोर हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं। ईशा ने बताया कि यूक्रेन से निकलने के बाद रोमानिया में एक घर में उन्हें शरण मिली जिसने अपने बच्चों की तरह व्यवहार किया।