कन्नौज। फकीरापुर के सोलर प्लांट को चलवाने की दिशा में नेडा के प्रोजेक्ट अफसर(पीओ) की लापरवाही उजागर होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। चार माह पहले एक फाइल भेजने के बाद उन्होंने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में कंपनी को अनुस्मारक पत्र नहीं भेजा।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सांसद डिंपल यादव के क्षेत्र इंदरगढ़ के फकीरापुरा में 615 लाख की लागत से सोलर प्लांट लगवाया था। इससे तीन गांवों के लोगों के उद्योग धंधे चल रहे थे। नेडा की लापरवाही से सोलर प्लांट नौ माह से बंद है। अमर उजाला ने इसकी खबर को 26 जुलाई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
अखिलेश के ट्वीट के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया तो डीएम ने तिर्वा एसडीएम से जांच कराई। इसमें 22 लाख का बजट खर्च होना था, जिसके लिए टेंडर प्रक्रिया होनी थी। पीओ नेडा ने सोलर प्लांट लगाने वाली कंपनी को एक बार पत्राचार किया। इसके बाद इसकी सुध नहीं ली। लापरवाही उजागर होने पर निदेशक नेडा भवानी सिंह ने पीओ नेडा को निलंबित कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सात जुलाई, 2015 को सोलर प्लांट को हरी झंडी दी थी। 250 किलोवाट सोलर प्लांट में 615 लाख की लागत आई। सोलर प्लांट नेडा ने स्थापित किया। इस सोलर पॉवर प्लांट से फकीरापुर समेत चंदुआहार और मंसुखपुर्वा के लोगों को लाभ मिलना था। पूरे गांव में लोगों को कनेक्शन, 11 ट्यूबवेल व तीन आटा चक्की के कनेक्शन हुए।
यह सभी सोलर प्लांट से संचालित हुए। सोलर प्लांट चलने से ग्रामीणों की बिजली समस्या दूर हो गई। धीरे-धीरे सोलर प्लांट पर ग्रहण लगना शुरू हो गया। उसमें कमियां आने लगीं। नौ माह से सोलर प्लांट बंद है। कई बार स्थानीय लोगों ने प्लांट चलवाने की मांग की, लेकिन अफसरों ने अनदेखा कर दिया।