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नहीं भुलाया जा सकता रानी अवंतीबाई लोधी का बलिदान

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कार्यक्रम में मौजूद लोधी समाज के लोग। - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ। रानी अवंतीबाई लोधी ने देश की रक्षा के लिए 1857 की प्रथम क्रांति में संघर्ष करते हुए प्राण दे दिए थे। उनकी वीरगाथा को हमें जीवित रखना होगा। इससे आने वाली पीढ़ियां ऐसी वीरांगनाओं के योगदान से प्रेरणा लेती रहेंगी। यह विचार पूर्व सांसद प्रो. रामबख्श सिंह वर्मा ने वीरांगना रानी अवंतीबाई के 189वें जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
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लोधी क्षत्रिय उत्थान समिति के महामंत्री भारत सिंह वर्मा ने कहा कि देश की आजादी के लिए अपनी जान न्योछावर करने वाली अमर शहीद वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की गाथा इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हैं। कवि रामप्रकाश शाक्य बेफिर व भारत सिंह प्रजापति ने अपनी कविता से वीरांगना को श्रद्धासुमन अर्पित किए। शिक्षाविद एवं लोकतंत्र सेनानी शंभूदयाल मौर्य ने नारी शक्ति को वीरांगना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
पूर्व सांसद रामबख्श सिंह वर्मा ने मौजूद लोगों को मास्क दिए। मौके पर डा. मैकूलाल, लोधी सेना के जिलाध्यक्ष हरगोविंद सिंह लोधी, पूर्व प्रधानाचार्य लज्जाराम वर्मा, रामप्रकाश वर्मा सर्राफ, राजेश राजपूत, सरवन कुमार मौर्य, लोधी क्षत्रिय उत्थान समिति के अध्यक्ष रामचंद्र वर्मा व उपाध्यक्ष श्रीपाल वर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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