पीने के लिए टैंकर से पानी भरते ग्रामीण। संवाद
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गुरसहायगंज। पंचायत चुनाव में वोट के लिए गांवों के घरों में घूमे। मतदाताओं ने समर्थन दिया तो प्रधान पद का चुनाव भी जीत गए। बाद में बाहर चले गए। ग्राम पंचायत में समस्याएं बढ़ती जा रहीं हैं। 80 में से 75 हैंडपंप खराब हैं। लोग पानी के लिए परेशान हैं। सड़क निर्माण के लिए आ रहे टैंकर से पानी लेकर ग्रामीण रोजमर्रा के काम और पीने के पानी का जुगाड़ कर रहे हैं।
कस्बे का रूप ले चुकी ग्राम पंचायत सराय प्रयाग के बाशिंदे करीब एक महीने से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। गांव के बृजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण पेयजल योजना के तहत मजरा सूलनपुर सराय प्रयाग, नारायण नगला के ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराने के लिए ग्राम भूड़ा में ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। सप्लाई के लिए पाइप लाइन डलवाई गई। फोरलेन निर्माण के दौरान हुई खोदाई से कई स्थानों पर लाइन कट गई। इससे पानी की आपूर्ति करीब एक महीने से ठप है।
ग्रामीण अशोक कुमार ने बताया कि करीब 80 हैंडपंप में से सिर्फ पांच ही पानी दे रहे हैं। गांव के ही रमेश चंद्र ने बताया कि फोरलेन निर्माण में लगे टैंकर मिट्टी पर छिड़काव के लिए जब पानी लेकर आते हैं, तो उस पानी से ग्रामीणों किसी प्रकार गुजर कर रहे हैं। ग्रामीण दीपक व शेर सिंह का आरोप है कि प्रधान नरेंद्र सिंह यादव अक्सर बाहर रहते हैं। उनको गांव की समस्याओं की जानकारी नहीं हो पाती है। खराब हैंडपंप को ठीक नहीं कराया जा रहा है।
28 हैंडपंप खराब होने की जानकारी आई थी, जिसमें 15 रीबोर करा दिए हैं। पंचायत भवन में बैठने की जगह न होने की वजह से समस्याएं नहीं सुन पाते हैं।
- नरेंद्र सिंह यादव, प्रधान