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अस्पताल की लापरवाही उजागर, जांच में मिली कई खामियां

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छिबरामऊ। नगर के सौ शैया अस्पताल से निकाले गए स्वास्थ्य कर्मियों के प्रकरण की जांच पूरी हो चुकी है। दोनों एसीएमओ ने अपनी जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। इस जांच रिपोर्ट में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। यह भी बात है कि कर्मचारियों को हटाए जाने में कुछ खोट जरूर है। सीएमओ की माने तो अब डीएम राकेश कुमार मिश्रा रिपोर्ट शासन को भेजेंगे, फिर निकाले गए स्वास्थ्य कर्मियों पर निर्णय लिया जाएगा।
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नगर के सौ शैया अस्पताल से निकाले गए पुरुष स्टाफ नर्स वीरेंद्र तिवारी, प्रत्यूष त्रिपाठी, विवेक कुमार, महिला स्टाफ नर्स अंशु तिवारी, अनन्या, मोनिका यादव, सोनाली यादव व प्रीती देवी, लैब सहायक अंबुज दीक्षित व प्रवीण कुमार ने सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, सांसद सुब्रत पाठक, पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के अलावा डीएम राकेश कुमार मिश्रा व सीएमओ डॉ. विनोद कुमार का दरवाजा खटकाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने दो एसीएमओ डॉ. डीके आर्या व डॉ. जेजे राम की टीम गठित कर मामले की जांच के निर्देश दिए। इस टीम ने सौ शैया अस्पताल जाकर सीएमएस डॉ. राजेश कुमार तिवारी व स्वास्थ्य कर्मियों के बयान दर्ज किए और सभी अभिलेख भी एकत्रित किए। अब इस प्रकरण की पूरी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी गई है। सूत्रों की मानें तो इस जांच में अस्पताल प्रशासन की कई खामियां मिली हैं। साथ ही कर्मियों को हटाए जाने में कुछ खोट भी सामने आने की बात है। सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। डीएम को पूरी रिपोर्ट सौंप दी जाएगी, उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
यह है मामला
आठ फरवरी को नगर के सौ शैया अस्पताल से आठ पुरुष व महिला स्टाफ नर्स, दो लैब अटेंडेंट को तीन फरवरी से सेवा प्रदाता कंपनी अवनि परिधि की ओर से सेवा समाप्त किए जाने की सूचना दी गई। इसमें बाद से स्वास्थ्य कर्मियों ने अस्पताल में भर्ती के नाम पर ढाई-ढाई लाख रुपये की वसूली किए जाने का आरोप लगाकर सीएमएस के कार्यालय में जमकर हंगामा किया था। इसके बाद इस प्रकरण की जांच के लिए दो एसीएमओ की टीम गठित की गई थी।
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