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बैंक के बाहर रुपये निकाल रहा हूं..., सुनाई दे रहे धमाके

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बाबा ओमप्रकाश शुक्ला से बात करता विशाल शुक्ला। संवाद - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ। बाबा यूक्रेन में बैंक के बाहर रुपये निकालने के लिए लाइन में खड़ा हूं। आसपास धमाकों का शोर है...। डरावने पल के बीच रुपये निकाला भी जरूरी है...। ताकि जरूरत की चीजों का इंतजाम कर सकूं। यह बातें यूक्रेन में फंसे मेडिकल छात्र विशाल शुक्ला ने शुक्रवार को बाबा ओमप्रकाश शुक्ला (अज्ञात) से वीडियो कॉल के दौरान कहीं।
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नगर के मोहल्ला बनवारी नगर निवासी वरिष्ठ कवि ओमप्रकाश शुक्ला (अज्ञात) के पौत्र विशाल शुक्ला पुत्र भूषण शुक्ला यूक्रेन के दिनेप्रो पेत्रोवस्क स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि यहां लगभग चार सौ भारतीय छात्र हैं जिसमें 100 यूपी के हैं।
विशाल का कहना है कि कीव से उनका शहर लगभग चार सौ किमी दूर है। बताया कि आसपास धमाके सुनाई दे रहे हैं। लोगों में दहशत है बैंकों बाहर रुपये निकालने के लिए लंबी लाइनें लगी हैं। आपात स्थितियों को देखते हुए लोग दैनिक प्रयोग में होने वाली वस्तुओं को एकत्रित कर रहे हैं।
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बाबा ओम प्रकाश ने बताया कि यूक्रेन में लगातार दो दिनों से हो रही बमबारी ने उनके परिजनों की भी धड़कनें बढ़ा रखी हैं। पूरे दिन टीवी के सामने बैठकर न्यूज चैनलों पर यूक्रेन के हालात की जानकारी ले रहे हैं। साथ ही वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार अपने बच्चों से संपर्क बनाए हुए हैं।
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